कासगंज-दिल्ली इंटरसिटी का सफर अब और सुरक्षित: 22 अगस्त से LHB रैक के साथ दौड़ेगी ट्रेन, जानें क्या बदल जाएगा
कासगंज-नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस 22 अगस्त से एलएचबी रैक के साथ चलेगी, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी। यह बदलाव पुराने आईसीएफ कोचों की ...और पढ़ें

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नई दिल्ली से रोहतक और तिलक ब्रिज से सिरसा तक भी जाती है यही रैक
जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली से होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेन कासगंज-इंटरसिटी एक्सप्रेस में अब यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित होगी। 22 अगस्त से ट्रेन बदलाव के साथ एलएचबी रैक से चलाई जाएगी। नई रैक संरचना के हिसाब से ही सीटें आरक्षित की जाएंगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने उत्तर रेलवे को इसकी सूचना दे दी है, क्योंकि इसका मुरादाबाद मंडल के ही बरेली जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होता है।
15303/15304 कासगंज-नई दिल्ली-कासगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन पहले बरेली से होता था। फिर इसे नई दिल्ली से रोहतक तक चलाया जाने लगा। 16 अप्रैल से इसका विस्तार कासगंज तक किया गया। कासगंज से ट्रेन का संचालन होने की वजह से उत्तर रेलवे की प्रमुख ट्रेन पूर्वोत्तर रेलवे की हो गई।
अब पूर्वोत्तर रेलवे ने 22 अगस्त से ट्रेन की रैक संरचना में बदलाव का निर्णय लिया है। अभी ट्रेन आइसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोच से चलती है। इसमें 18 कोच होते हैं लेकिन बदलाव के बाद ट्रेन एलएचबी (लिंके-होफमैन-बुश) रैक से चलेगी। रैक में बदलाव से इसमें 18 की जगह 16 कोच रह जाएंगे, क्योंकि एलएचबी रैक बड़े होते हैं और इनमें सीटों की संख्या अधिक होती है।
इसके अलावा यही रैक 15305/15306 नई दिल्ली-रोहतक एक्सप्रेस में लगेगी। नई दिल्ली से ट्रेन रोहतक तक बदले हुए नंबर से चलती है। इसके अलावा 15307/15308 तिलक ब्रिज-सिरसा-तिलकब्रिज हरियाणा एक्सप्रेस में भी यही रैक इस्तेमाल होती है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जन संपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने बताया कि कासगंज-नई दिल्ली-कासगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस को अगले महीने से एलएचबी रैक से चलाया जाएगा। यही रैक आगे रोहतक और सिरसा तक भी चलाई जाएगी। उत्तर रेलवे को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।
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एलएलबी रैक में बदली जा रहीं ट्रेनें
यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए धीरे-धीरे सभी ट्रेनों को आइसीएफ रैक से बदलकर एलएचबी में चलाया जा रहा है। बरेली जंक्शन से चलने वाली भी कई ट्रेनें धीरे-धीरे एलएलबी रैक में बदल गई हैं।
12 जुलाई से 14307/14308 बरेली-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस का एलएचबी रैक के साथ संचालन शुरू किया गया। इससे पहले 14 फरवरी से 14314/14313 बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस का भी संचालन एलएचबी रैक से हो चुका है।
एलएचबी रैक के फायदे
लिंके होफमैन बुश तकनीक पर आधारित रैक सुरक्षति और आरामदायक होती है। एंटी टेलीस्कोपिक तकनीक होने की वजह से इसके डिब्बे दुर्घटना के समय एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते हैं। स्टेनलेस स्टील से बने कोच आइसीएफ कोच की तुलना में काफी हल्के होते हैं।
इन्हें 160 से 200 किमी प्रति घंटा की स्पीड तक चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। इनमें बेहतर शाक अब्जार्बर लगे होने से झटके कम लगते हैं और सफर आरामदायक होता है।
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