खरमास खत्म: कल से गूंजेंगी शहनाइयां, अक्षय तृतीया समेत जुलाई तक विवाह के ढेरों शुभ मुहूर्त
खरमास सोमवार को समाप्त हो गया है, जिसके बाद मंगलवार से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। जुलाई तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त हैं, जिसमें 19 अप्रैल को अक्षय त ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
19 अप्रैल को है अक्षय तृतीया, इस दिन होता है अबूझ मुहूर्त
17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिक मास (पुरुषोत्तम मास)
जागरण संवाददाता, बरेली। खरमास सोमवार को खत्म हो गया। अब मंगलवार से मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। जुलाई तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त हैं। पंडित मुकेश मिश्रा के अनुसार 14 मार्च को सूर्य देव बृहस्पति की मीन राशि में प्रवेश कर गए थे, जिसके बाद मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक लग गई थी।
अब सूर्य 14 अप्रैल सोमवार को सुबह 9:31 पर मीन राशि से निकाल कर मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं। जब सूर्य देव मीन राशि में रहते हैं तो वह महीना खरमास का कहा जाता है। खरमास के महीने में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नवीन कार्य आदि वर्जित माने गए हैं लेकिन सूर्य के मेष राशि में आते ही मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाता है।
शुभ मुहूर्त अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। इस महीने का सबसे खास दिन अक्षय तृतीया का माना जा रहा है, जो 19 अप्रैल को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह एक ऐसा दिन है, जिसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। यानी इस दिन बिना ज्यादा गणना किए भी शादी या कोई भी शुभ काम किया जा सकता है।
कहा जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य और दान का फल कभी समाप्त नहीं होता और इससे जीवन में स्थिरता और सुख-समृद्धि बनी रहती है। अप्रैल में शादी-ब्याह के लिए ग्रहों की चाल भी अनुकूल मानी जा रही है। इस दौरान गुरु और शुक्र दोनों ही अच्छी स्थिति में रहेंगे।
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ज्योतिष के अनुसार, गुरु रिश्तों में समझ और स्थिरता लाते हैं, जबकि शुक्र प्रेम, आकर्षण और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। इन ग्रहों का शुभ होना वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा संकेत देता है। खास बात यह है कि इस महीने के अधिकतर मुहूर्तों में भद्रा और पंचक जैसे अशुभ योग नहीं बन रहे।, जिससे शादी के लिए समय और भी बेहतर हो जाता है।
अप्रैल में कुल नौ दिन विवाह योग्य लग्न मुहूर्त पंचांगों में दर्शाए गए हैं। वहीं, मई में 10, जून में 11 और जुलाई में सात विवाह मुहूर्त बताए गए हैं। 17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिक मास (मलमास) रहेगा, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस अवधि में भी किसी प्रकार के मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है।
विवाह के शुभ मुहूर्त
- अप्रैल : 19, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 व 30
- मई : 01, 03, 04, 05, 06, 07, 08, 12, 13 व 14
- जून : 19 से 29 तक
- जुलाई : 01, 02, 06, 07, 08, 11 व 12 तारीख तक।