खराब दांत बन सकते हैं दिल की बीमारी और शुगर का कारण, डॉक्टरों ने बताया ब्रश करने का सही तरीका
विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस पर विशेषज्ञों ने मुंह की देखभाल के महत्व पर जोर दिया। लापरवाही से दंत रोग बढ़ रहे हैं, खासकर कैविटी और पायरिया। टूथपेस्ट से ज ...और पढ़ें

टूथ ब्रश
HighLights
मुंह की देखभाल करने में न करें अनदेखी, लगातार बढ़ रहे हैं दंत रोग के मामले
जागरण संवाददाता, बरेली। विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे) की थीम ''''एक खुशहाल मुंह, एक खुशहाल जीवन है'''' (ए हैप्पी माउथ इज हैप्पी लाइफ) तभी सार्थक हो सकेगी जब हम अपनी मुंह की देखभाल सही से करेंगे। इसमें जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है और यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
मुंह की ठीक से देखभाल न करने की वजह से ही दंत रोग के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मामले केविटी और पायरिया आदि के होते हैं। ऐसे में टूथ पेस्ट कौन सा इस्तेमाल करना चाहिए से ज्यादा इस पर ध्यान देना चाहिए कि टूथ ब्रश कैसा इस्तेमाल करना चाहिए। कठोर की जगह मुलायम ब्रश इस्तेमाल करना बेहतर होता है। यह कहना है दंत रोग विशेषज्ञों का।
मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। जिला अस्पताल के डेंटल सर्जन डा. अवधेश गंगवार ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 100 से 120 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
अधिकांश मरीजों में पायरिया और केविटी की दिक्कत होती है। इसके अलावा खोखले दांत होने, तंबाकू की वजह से दांत खराब होने के भी मामले बढ़े हैं। वहीं जिले में दो सौ से अधिक दंत चिकित्सक हैं। इन डाक्टरों के पास रोजाना ओपीडी में तीन से चार हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
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वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डा. अनूप आर्य का कहना है कि हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए मुंह का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। स्वस्थ मुंह में ही स्वस्थ मन का वास होता है। विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य स्वस्थ दांत और मसूड़ों को बनाए रखने के लिए जागरूकता पैदा करना है। दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी और मुंह के संक्रमण जैसी बीमारी लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं।
मुंह से जुड़ी बीमारियां दिल की बीमारी, मधुमेह और सांस के संक्रमण में गंभीरता पूर्ण हो सकती हैं। दांतों से जुड़ी समस्याओं में दांत में कीड़ा लगा होना सबसे आम समस्या है जिसका कारण दांतों पर चिपके खाने के कणों पर बैक्टीरिया द्वारा एसिड बनाना और उस एसिड से दांत की ईनेमल की परत का गलना होता है जिसके परिणामस्वरूप कैविटी बनती है।
पायरिया मसूड़ों की सबसे आम समस्या है जिसमें मसूड़ों में संक्रमण के कारण सूजन आना और दर्द होना, खून आना और मुंह से दुर्गंध आना मुख्य लक्षण होते हैं। इन बीमारियों को अच्छी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल अपनाकर रोका जा सकता है। नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाकर इन बीमारियों को शुरुआत में ही सही किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
दिन में दो बार ब्रश से अपने दांत साफ करें। रोजाना दांतों में फ्लास करें। मीठे पदार्थ का सेवन कम करें। दूध, दही, पनीर का सेवन करें और खूब पानी पिएं। तंबाकू उत्पादों से परहेज करें। नियमित रूप से चिकित्सक की सलाह लें।