बिजनौर में STF की बड़ी कार्रवाई, फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार
एसटीएफ बरेली यूनिट ने बिजनौर के नहटौर से फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले मास्टरमाइंड इब्राहिम अंसारी को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
एसटीएफ ने फर्जी लर्निंग डीएल मास्टरमाइंड को बिजनौर से दबोचा।
आरोपी इब्राहिम अंसारी तकनीकी खामी का फायदा उठाकर बनाता था लाइसेंस।
प्रतिदिन 50-60 लाइसेंस बनाकर 800-2000 रुपये वसूलता था।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले मास्टरमाइंड को एसटीएफ बरेली यूनिट ने मंगलवार रात उसके बिजनौर के नहटौर क्षेत्र के गांव फुलसंदा हीरा से दबोच लिया। आरोपित के पास से दो लैपटॉप, स्मार्टफोन, चार कूटरचित आधार कार्ड, चार एटीएम कार्ड, एक वाईफाई राउटर एडाप्टर और तीन चेकबुक बरामद हुई है।
एसटीएफ दारोगा और प्रभारी निरीक्षक नहटौर की ओर से आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपित को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।
कुछ समय से एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नहटौर क्षेत्र में गांव फुलसंदा हीरा में फर्जी तरीके से देशभर के लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। पुख्ता सूचना होने पर सीओ अब्दुल कादिर के नेतृत्व में निरीक्षक अजित कुमार, दारोगा अमित कुमार और मुख्य आरक्षी अरुण ने गांव फुलसंदा हीरा इब्राहिम अंसारी के घर पर छापा मारा।
गांव निवासी आरोपित इब्राहिम अंसारी पुत्र पुत्र जाहिद हुसैन को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर लर्निंग डीएल बनाने का पूरा सेटअप मिला। टीम को दो लैपटॉप, स्मार्टफोन, चार कूटरचित आधार कार्ड, चार एटीएम कार्ड, एक वाईफाई राउटर एडाप्टर और तीन चेकबुक बरामद हुई।
नहटौर थाने में टीम की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह चार साल से फर्जी तरीके से विभिन्न राज्यों के आवेदकों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर उनके घर भेजा रहा था। वह अपने घर पर लैपटॉप और इंटरनेट वेबसाइट के माध्यम से लोगों का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस एप्लाई करता है।
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खुद ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर दो मिनट में ही आवेदक के व्हाट्सएप पर भेज देता है। आवेदक को नहीं बुलाता था। लर्निंग लाइसेंस वह परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट करता है। उसने आठ सौ दो हजार रुपये तक लर्निंग लाइसेंस के लेता था।
रोजाना बनाता था 50 से 60 लाइसेंस
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक वह रोजाना में 50 से 60 लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाता था। वह आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही ऑनलाइन परीक्षा भी पास करनी पड़ती है। वह स्वयं पास करता है। परीक्षा के समय आवेदक का कैमरे के सामने उपस्थित होना आवश्यक होता है। इसके लिए वह एक ट्रिक का इस्तेमाल करता है।
वह पहले एक टेम्पर मंकी नाम का एक्सटेंशन ब्राउजर में एड किया जाता है। इस एक्सटेंशन पर एक जावा स्क्रिप्ट कोड जोड देता है। यह कोड सारथी परिवहन की बेवसाइट पर लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा देते समय वीडियो को बाईपास कर देता है। ई-केवाईसी से लिए गए आधार के फोटो का प्रयोग कर लर्निंग लाइसेंस परीक्षा का एक्सेस दे देता है।
इस तरह से वह स्वयं आवेदन करके व परीक्षा देकर आवेदनकर्ता का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस अपने लैपटॉप से बनाकर उसको व्हाट्सएप पर भेज देता है। वह दो मिनट में लाइसेंस की पीडीएफ बनाकर आवेदक के वाट्सएप पर भेज देता था।