कुत्तों ने दौड़ाया तो पेड़ पर चढ़ गया गुलदार, वन विभाग के पिंजरे में फंसी मादा गुलदार
Bijnor News : बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र में ग्रामीणों ने गुलदार देखा और वन विभाग को सूचित किया। नूरपुर के रहटा बिल्लोच गांव में मादा गुलदार वन विभाग क ...और पढ़ें

बिजनौर के गांव कुम्हेड़ा मे पेड़ पर चढ़ा गुलदार और गांव रहटा बिल्लौच में पिंजरे में कैद गुलदार l जागरण
HighLights
किरतपुर के कुम्हेड़ा गांव में पेड़ पर चढ़ा गुलदार।
नूरपुर के रहटा बिल्लोच में मादा गुलदार पिंजरे में कैद।
संवाद सूत्र, किरतपुर (बिजनौर)। गांव कुम्हेड़ा में कुत्तों के दौड़ाने पर गुलदार पेड़ पर चढ़ गया।
किरतपुर क्षेत्र के गांव कुम्हेड़ा में सोमवार शाम ग्रामीण हरेंद्र सिंह, गौरव, सौरभ, सन्नी, अमृत आदि सोमवार शाम जंगल की और गए थे। इस दौरान यूकेलिप्टिस के पेड़ के नीचे कुत्तों का झुंड भौंकता हुआ मिला।
ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो एक गुलदार पेड़ पर चढ़ा हुआ था। इसके बाद सूचना पर अन्य ग्रामीण भी मौके पर आ गए और कुत्तों को भगाया। इसके बाद भी काफी देर तक गुलदार पेड़ पर ही बैठा रहा।
बाद में कुत्तों और ग्रामीणों के पीछे हटने पर गुलदार पेड़ से उतरकर जंगल में भाग गया। अवनीश निर्वाल ने गांव मे गुलदार होने की सूचना वन विभाग को दी और गांव मे पिंजरा लगवाने की मांग की है। उन्होंने ग्रामीणों से अकेले महिलाओं और बच्चों को जंगल मे जाने से मना करते हुए समूह बना कर जाने की सलाह दी है।
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किसान हमला करने वाली जगह मादा गुलदार पिंजरे में कैद
नूरपुर। रहटा बिल्लोच गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मादा गुलदार कैद हो गई। गुलदार को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम गुलदार को रेस्क्यू कर रेंज कार्यालय ले गई।
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सोमवार को खेत पर गए रहटा बिल्लोच निवासी जाहिद हुसैन पर झाड़ियों से निकले गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया था। किसान ने गुलदार से कड़ा संघर्ष करते हुए अपनी जान बचाई थी। देर शाम वन विभाग द्वारा किसान पर हमला करने वाले स्थान पर पिंजरे के साथ ही खेतों में जाल लगाया गया था।
मंगलवार की सुबह वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मादा गुलदार फंस गई। गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनकर वहां पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम पिंजरें में बंद गुलदार को रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई। गुलदार के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
वन क्षेत्राधिकारी दुष्यंत मावी ने बताया कि पिंजरे में कैद मादा गुलदार की आयु लगभग दो वर्ष है। उच्चाधिकारियों की अनुभूति के बाद मादा गुलदार को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।