बुलंदशहर में अर्थिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरा 3 साल का मासूम, करंट लगने से मौत
बुलंदशहर के साठा इस्लामाबाद में ऊर्जा निगम की लापरवाही से तीन वर्षीय मासूम आरिश की करंट लगने से मौत हो गई। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
तीन वर्षीय मासूम आरिश की करंट लगने से मौत।
ऊर्जा निगम की लापरवाही से खुला छोड़ा गया गड्ढा।
लोगों में आक्रोश, कार्रवाई और मुआवजे की मांग।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। शहर के मुहल्ला साठा इस्लामाबाद में शुक्रवार की शाम ऊर्जा निगम की लापरवाही तीन वर्षीय मासूम की जान ले ली। यहां ट्रांसफार्मर की अर्थिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में बच्चा गिर गया। अर्थिंग की पत्ती में करंट उतरा था।
बच्चे को गंभीर हालत में कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ऊर्जा निगम के खिलाफ लोगों में आक्रोश व्याप्त है। नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाया।
मुहल्लावासियो के मुताबिक साठा-इस्लामाबाद बंद के पास बिजली ट्रांसफार्मर लगा है। शुक्रवार को ट्रांसफार्मर की अर्थिंग करने के लिए गड्ढा खोदा गया। गड्ढे में ट्रांसफार्मर से एक पत्ती को लगाकर गड्ढे में दबाया गया, लेकिन गड्ढे को भरा नहीं गया। गड्ढे में थोड़ा पानी भरा था।
शुक्रवार की शाम मुहल्ला निवासी कल्लू का तीन साल का बेटा आरिश खेलते-खेलते उस गड्ढे में गिर गया। अर्थिंग वाली पत्ती में करंट उतरा हुआ था। करंट लगते ही बच्चा अचेत हो गया। करंट की चपेट में आए बच्चे को तुरंत कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्वजन शव लेकर घर पहुंचे तो मुहल्ले के लोग एकत्र हो गए।
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ऊर्जा निगम की अधिकारियों के खिलाफ लोगों में आक्रोश पनपा। लोगों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन किया, लेकिन लोगों के क्रोध से बचने के लिए कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस पर लोगों ने हंगामा भी किया।
सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और गुस्साए लोगों को समझाया। ऊर्जा निगम के एक्सईएन तकनीकी मनीष मथुरिया का कहना है कि ट्रांसफार्मर की पुरानी अर्थिंग खराब होने पर नई अर्थिंग के लिए शुक्रवार की सुबह गड्ढा खोदा गया था।
बच्चे की मौत का मामला संज्ञान में है। जांच करवा रहे हैं। नगर कोतवाली प्रभारी सुजीत उपाध्याय का कहना है कि करंट से मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
मासूम की मौत के लिए जिम्मेदार कौन
हंगामा कर रहे लोगों का सवाल है कि गड्ढा खोदा गया तो उसको बैरिकेट करना चाहिए थे। ऊर्जा निगम की लापरवाही से मासूम की जान चली गई। इस मौत के लिए जिम्मेदार कौन है। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित स्वजन को आर्थिक मुआवजा दिया जाना चाहिए।