जागरूकता के बाद भी फैल रहा एड्स, 129 नए मरीज मिले, तीन माह में पांच की मौत, जिले में 1976 का चल रहा इलाज
बुलंदशहर में जागरूकता के बावजूद चार माह में 129 नए एचआईवी पॉजिटिव मरीज मिले और पांच की मौत हुई।
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एआरटी के नोडल अधिकारी डाॅ. हेमंत रस्तोगी ने बताया कि जिले में मिले एड्स पीड़ितों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक है।
HighLights
चार माह में 129 नए एचआईवी मरीज, पांच की मौत।
जिले में 1976 एड्स रोगियों का उपचार जारी है।
महिलाओं में एचआईवी संक्रमण पुरुषों से अधिक पाया गया।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता फैलाने के प्रयासों के बावजूद एड्स की बीमारी में वृद्धि हो रही है। चार माह में जिले में 129 एचआईवी पाजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर दिन एक नया मरीज सामने आ रहा है, जबकि इस अवधि में पांच मरीजों की जान जा चुकी है।
सरकार एड्स से बचाव के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है, जिसमें आयुष्मान आरोग्य मेला और टीबी मरीजों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान शामिल हैं।
इन प्रयासों के बावजूद, एक अप्रैल से 31 जुलाई के बीच जिले में 129 लोग एचआईवी पाजिटिव पाए गए हैं। इन मरीजों की काउंसलिंग और उपचार शुरू कर दिया गया है। पांच वर्षों में 40 से अधिक लोगों की एड्स के कारण मृत्यु हो चुकी है।
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज में संचालित एआरटी (एंटी रोट्रावायरल थेरेपी) केंद्र पर संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। पहले मरीजों को एड्स की जांच और दवा के लिए मेरठ जाना पड़ता था, लेकिन 2019 से जिले में मुफ्त जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध है।
वर्तमान में 1976 एड्स रोगियों का उपचार चल रहा है, जिनमें से 1500 रोगी असुरक्षित यौन संबंध के कारण संक्रमित हुए हैं। इनमें महिला रोगियों की संख्या 920 है।
एआरटी के नोडल अधिकारी डाॅ. हेमंत रस्तोगी ने बताया कि जिले में मिले एड्स पीड़ितों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक है। महिलाओं में एचआईवी का संचरण अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि गुप्तांग के भीतर एचआईवी के प्रवेश का मार्ग आसान होता है। एड्स की रोकथाम के लिए शिविरों में जांच की जाती है। एड्स से बचने के लिए लोगों को जागरूक रहना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।
बीमारी फैलने का कारण
एचआईवी संक्रमित साथी के साथ यौन संपर्क बनाना, दूषित सुइयों, सिरिंज या अन्य नशीली दवाओं के उपकरणों से संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से भी एड्स फैलता है।
महिलाओं में लक्षण
लगातार उल्टी और दस्त होना, काफी वजन कम होना, रात के समय बहुत पसीना आना, अत्याधिक थकान महसूस होना, मुंह या जननांगों पर छाले आना और त्वचा का रंग बिगड़ना।
पुरुषों में लक्षण
गले में खराश होना, शुरूआती लक्षण में बुखार आना, थकान बहुत ज्यादा होना, मांसपेशियों में बहुत दर्द होता है, लसीका ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) में सूजन आना, प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होते जाना।
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