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    चंदौली में 312 कृषि रक्षा उपकरणों पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी, वेरिफिकेशन के बाद खाते में आएगा पैसा

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 08:01 PM (IST)

    चंदौली के किसानों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि रक्षा उपकरणों और अन्न भंडारण बखारी पर 50% तक अनुदान मिलेगा। पात्र किसान ऑनलाइन पंजीकरण कर टोकन प्रा ...और पढ़ें

    312 कृषि रक्षा उपकरणों पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान।

    312 कृषि रक्षा उपकरणों पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान।

    HighLights

    1. चंदौली किसानों को कृषि उपकरणों पर 50% तक अनुदान।

    2. मानव चलित स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर, बखारी पर सब्सिडी।

    3. ऑनलाइन पंजीकरण, सत्यापन के बाद डीबीटी से भुगतान।

    जागरण संवाददाता, चंदौली। विभिन्न पारिस्थितिकीय संसाधनों के माध्यम से कीट और रोग नियंत्रण योजना के तहत जनपद के किसानों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि रक्षा उपकरणों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। शासन ने जिले को 312 कृषि रक्षा उपकरण और अन्न भंडारण बखारी का लक्ष्य आवंटित किया है। पात्र किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

    प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद यादव ने बताया कि जनपद को 31 मानव चलित स्प्रेयर, 63 शक्ति चलित (पावर) स्प्रेयर और सुरक्षित अन्न भंडारण के लिए 218 बखारी का लक्ष्य मिला है।

    मानव चलित स्प्रेयर पर यंत्र मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 1,500 रुपये, जबकि पावर स्प्रेयर पर यंत्र मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम तीन हजार रुपये अनुदान मिलेगा।

    लघु और सीमांत किसानों को अन्न भंडारण बखारी पर मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 2,000 रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। किसान अपनी पसंद से खुले बाजार से आईएसआई मानक वाले कृषि रक्षा उपकरण खरीद सकते हैं।

    जिन उपकरणों के लिए आईएसआई मानक निर्धारित नहीं हैं, उन्हें केंद्रीय संस्थानों या कृषि विश्वविद्यालयों के मानकों के अनुरूप खरीदा जा सकेगा। बखारी स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया (सेल) की जीपी शीट से निर्मित होना अनिवार्य होगा।

    योजना का लाभ ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर मिलेगा। किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर टोकन प्राप्त करें। टोकन मिलने के दस दिन के भीतर खरीद का बिल पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

    इसके बाद विभागीय कर्मचारी यंत्र का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने पर अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेज दी जाएगी।

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