चित्रकूट बालू खनन में ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार
चित्रकूट में बालू खनन में हिस्सेदारी का लालच देकर ढाई करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। बालू खनन में हिस्सेदारी और 19 प्रतिशत आय का लालच देकर ढाई करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के मामले में सरधुवा थाना पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
दोनों के कब्जे से एक लाइसेंसी रिवाल्वर और 53 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रदीप यादव निवासी फार्च्यून हाइट्स अपार्टमेंट, सी-1124, सी ब्लाक, इंदिरा नगर लखनऊ हाल पता आजमगढ़ थाना सिधारी के राउतमऊ ने 9 मई को मुकदमा दर्ज कराया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पूर्व परिचित राघवेंद्र दुबे प्रोपराइटर अयान इंफ्रा डेवलपर्स निवासी आइमा, थाना बेलीपार, जनपद गोरखपुर, हाल पता चार्मवुड शहीद पथ सुशांत गोल्फ सिटी नियर बेस्ट प्राइस मार्ट लखनऊ और देवाशीष शर्मा निवासी पुरदिलपुर, बैंक रोड, गोरखपुर हाल पता विशाल खंड गोमती नगर, लखनऊ ने राजापुर के धौरहरा खादर स्थित बालू खनन पट्टे में 19 प्रतिशत लाभ देने का झांसा देकर समझौता कराया।
रास्ता निर्माण, कैंप कार्यालय, धर्मकांटा, खनन कार्य और अंशदान के नाम पर कुल करीब 2.37 करोड़ रुपये राघवेंद्र दुबे की फर्म को दिए गए। इसके बावजूद तय लाभ का एक भी रुपये नहीं दिया गया।
बाद में खनन क्षेत्र से हटाकर जान से मारने की धमकी दी गई और खदान बंद होने का बहाना बनाकर भुगतान से इन्कार कर दिया गया।
थाना प्रभारी शिवआसरे ने बताया कि विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर विभिन्न धाराएं बढ़ाई गईं। मंगलवार को दोनों आरोपितों को राजापुर क्षेत्र के पास से गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित दूसरे व्यक्ति की लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर घूम रहे थे। पुलिस ने रिवाल्वर और 53 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में पता चला कि देवाशीष शर्मा अकाउंटेंट का कार्य भी करता था और पूरे लेन-देन का हिसाब-किताब संभालता था।