देवरिया में जेसीबी बनी दुल्हन रागनी का रथ, अनोखी मटकोरवा रस्म ने बटोरी सुर्खियां
देवरिया के खखड़ी गांव में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई, जहाँ दुल्हन रागनी राजभर को मटकोरवा रस्म के लिए जेसीबी पर बैठाकर ले जाया गया। इस आधुनिक और ...और पढ़ें
HighLights
दुल्हन रागनी राजभर जेसीबी पर सवार होकर निकलीं मटकोरवा रस्म के लिए।
जेसीबी को फूलों से सजाकर बनाया गया दुल्हन का रथ, परिवार ने किया नृत्य।
परंपरा और आधुनिकता के संगम ने बटोरी खूब सुर्खियां, वीडियो वायरल।
जागरण संवाददाता, देवरिया। खखड़ी गांव में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई। जहां परंपरागत मटकोरवा रस्म को आधुनिक अंदाज में निभाते हुए दुल्हन को जेसीबी पर बैठाकर ले जाया गया। जहां मटकोड़ के दौरान जेसीबी से मिट्टी की खुदाई का रस्म होने के साथ ही उस पर सवार होकर परिवार के लोगों ने नृत्य भी किया।
बदलते दौर में जहां शादियों में नए-नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। खखड़ी गांव में सुरेंद्र राजभर की बेटी रागनी राजभर की शादी ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बुधवार को मटकोरवा की रस्म के दौरान दुल्हन रागनी अपनी मां सुदांती देवी, बुआ फुलमती और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ जेसीबी मशीन पर सवार होकर निकली।
गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर पूरा गांव झूम उठा। आगे-आगे हाथी और पीछे फूल-मालाओं से सजी जेसीबी, जिसे दुल्हन का रथ बनाया गया था जो आकर्षण का केंद्र रही। खास बात यह रही कि दुल्हन और साथ बैठी महिलाओं ने जेसीबी पर ही खड़े होकर जमकर डांस किया, जिसे देखने के लिए गांव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
परंपरागत रूप से मटकोरवा रस्म में केवल महिलाएं पैदल या साधारण तरीके से शामिल होती हैं, लेकिन इस बार परिवार ने इसे यादगार बनाने के लिए कुछ अलग करने का फैसला लिया। दूल्हे पक्ष की ओर से मंगाई गई जेसीबी को विशेष रूप से सजाया गया और उसी पर दुल्हन को बैठाकर पूरे गांव में भ्रमण कराया गया।
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रागनी के चारों भाई-भूषण, सुशील, पियूष और नितेश-अपनी इकलौती बहन की शादी को खास बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बहन की हर खुशी में चार-चांद लगाने के लिए यह अनोखा आयोजन किया गया।
इस अनोखी मटकोरवा को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से प्रसारित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस तरह की मटकोरवा देखी है। परंपरा और आधुनिकता के इस संगम ने न केवल युवाओं को आकर्षित किया, बल्कि गांव के बुजुर्गों ने भी इस नए अंदाज की सराहना की। अब पूरे इलाके में इस अनोखी शादी की चर्चा जोरों पर है।