देवरिया परिवार न्यायालय का एसडीएम भाटपाररानी पर सख्त रुख, डीएम को कार्रवाई के निर्देश
देवरिया परिवार न्यायालय ने एसडीएम भाटपाररानी को आदेशों की अवहेलना के लिए स्वेच्छाचारी और लापरवाह बताया है। न्यायालय ने जिलाधिकारी को एसडीएम को व्यक्ति ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
परिवार न्यायालय ने एसडीएम भाटपाररानी को स्वेच्छाचारी बताया।
डीएम देवरिया को एसडीएम को उपस्थित कराने का निर्देश।
भरण-पोषण वाद में भूमि नीलामी आदेश का पालन नहीं।
विधि संवाददाता, देवरिया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बीबी पांडेय ने एसडीएम भाटपाररानी के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें स्वेच्छाचारी और लापरवाह बताया है। न्यायालय ने जिलाधिकारी देवरिया को निर्देश दिया है कि वे एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित कराएं।
मामला बनकटा थाना क्षेत्र के अहिरौली बघेल का है। 22 अगस्त, 2022 को प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने तहसील भाटपाररानी के अहिरौली बघेल की विवाहिता द्वारा दायर भरण-पोषण वाद पर सुनवाई करते हुए पति अंगद सिंह की जमीन कुर्क कर नीलाम करके अदालत को अवगत कराने का आदेश दिया था। लेकिन तहसीलदार भाटपाररानी ने आदेश का अनुपालन नहीं किया।
इस पर अदालत ने एसडीएम भाटपाररानी को नीलामी कराकर प्राप्त धनराशि 30 अप्रैल, 2026 तक न्यायालय में जमा कराने का आदेश दिया था। आदेश का अनुपालन न होने पर अदालत ने पूर्व में एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
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गुरुवार को हुई सुनवाई में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना न्यायिक प्रक्रिया के प्रति असम्मान को दर्शाती है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अदालत ने जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को भी प्रेषित कर दी गई है।