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    गोरखपुर सिक्सलेन फ्लाईओवर की एक लेन खुलने में देरी, देवरिया बाईपास कनेक्शन का काम जारी

    Updated: Fri, 01 May 2026 08:22 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर सिक्सलेन फ्लाईओवर की एक लेन अभी नहीं खुलेगी क्योंकि सेतु निगम को शासन से मंजूरी नहीं मिली है। देवरिया बाईपास फ्लाईओवर को इससे जोड़ने का काम ते ...और पढ़ें

    सेतु निगम ने एक लेन शुरू करने का भेजा था प्रस्ताव, नहीं मिली स्वीकृति

    सेतु निगम ने एक लेन शुरू करने का भेजा था प्रस्ताव, नहीं मिली स्वीकृति

    HighLights

    1. ट्रांसपोर्टनगर से पैडलेगंज लेन खुलने में देरी।

    2. देवरिया बाईपास फ्लाईओवर जोड़ने का काम जारी।

    3. देवरिया बाईपास कार्य पूर्ण होने पर दोनों एक साथ खुलेंगे।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ट्रांसपोर्टनगर से पैडलेगंज की तरफ सिक्सलेन फ्लाईओवर की एक लेन अभी नहीं खुलेगी। सेतु निगम ने एक लेन खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन अब तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी।

    इधर, देवरिया बाईपास फ्लाईओवर को सिक्सलेन फ्लाईओवर से जोड़ने के काम में भी तेजी आ गई है। सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार ने कहा कि इस महीने का पूरा हो जाएगा।

    सेतु निगम ने ट्रांसपोर्टनगर से देवरिया बाईपास के आगे पैडलेगंज की तरफ सिक्सलेन फ्लाईओवर का निर्माण कराया है। ट्रांसपोर्टनगर से पैडलेगंज की तरफ की लेन पिछले महीने ही तैयार हो चुकी है। पैडलेगंज की तरफ से ट्रांसपोर्टनगर की लेन का भी काम पूरा हो चुका है लेकिन देवरिया बाईपास पर फोरलेन फ्लाईओवर को इस फ्लाईओवर में मिलाने के काम में देर के कारण दिक्कत हो रही है।

    पिछले महीने ही शुरू होना था यातायात
    सिक्सलेन फ्लाईओवर पर अप्रैल महीने में ही यातायात शुरू किया जाना था। इसकी तैयारी भी तेज होने लगी थी लेकिन बाद में निर्णय बदल दिया गया। अब माना जा रहा है कि देवरिया बाईपास फ्लाईओवर का काम पूरा होने के बाद दोनों फ्लाईओवर को एक साथ शुरू किया जाएगा।

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    429 करोड़ हो रहा खर्च
    नौसढ़-पैडलेगंज मार्ग पर 2.6 किमी से अधिक लंबाई वाले इस फ्लाईओवर के निर्माण पर 429 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत आ रही है। सिक्सलेन फ्लाईओवर पर आवागमन शुरू होने के बाद इस रूट पर प्रतिदिन होने वाली भारी भीड़ और जाम से अब स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों को निजात मिलेगी।

    लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़ और प्रयागराज से आने वाले यात्रियों को शहर के भीतर प्रवेश करने या शहर से होकर महराजगंज, देवरिया या कुशीनगर जाने में समय की काफी बचत होगी।