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    देवरिया में कसया ढाले पर आरओबी निर्माण को मिली हरी झंडी, अगस्त से शुरू होगा काम

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 03:58 PM (IST)

    देवरिया के कसया रेलवे ढाले पर प्रस्तावित रेलवे उपरिगामी सेतु (आरओबी) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे ने परियोजना की ड्राइंग को स्वीकृति दे द ...और पढ़ें

    बंद कसया ढाला और गुजर रही ट्रेन। जागरण

    बंद कसया ढाला और गुजर रही ट्रेन। जागरण

    HighLights

    1. कसया ढाले पर आरओबी निर्माण को रेलवे की स्वीकृति मिली।

    2. अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू होगा निर्माण कार्य, जाम से राहत।

    3. कुल लागत 72.03 करोड़ रुपये, 613.89 मीटर लंबा सेतु।

    जागरण संवाददाता, देवरिया। शहर के सबसे व्यस्त कसया रेलवे ढाले पर प्रस्तावित रेलवे उपरिगामी सेतु (आरओबी) निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। रेलवे ने परियोजना की ड्राइंग को स्वीकृति प्रदान कर दी है। करीब चार माह से ड्राइंग स्वीकृत होने का इंतजार किया जा रहा था।

    अब अगस्त के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सेतु निगम ने इसकी तैयारियां भी तेज कर दी हैं। निर्माण स्थल पर मशीनें पहुंच चुकी हैं व सीमेंट व अन्य निर्माण सामग्री रखने के लिए गोदाम तैयार किया जा रहा है।

    देवरिया-भीखमपुर मार्ग स्थित समपार संख्या-129 स्पेशल (कसया ढाला) पर प्रस्तावित टू-लेन आरओबी के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने फरवरी 2026 में 72 करोड़ तीन लाख 28 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी।

    परियोजना में रेलवे का अंश 35 करोड़ 85 लाख 54 हजार रुपये व उत्तर प्रदेश सेतु निगम का अंश 36 करोड़ 17 लाख 74 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। आरओबी की कुल लंबाई 613.89 मीटर होगी, जिसमें 95.50 मीटर हिस्सा रेलवे क्षेत्र में आएगा। परियोजना के तहत सर्विस लेन का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

    रेलवे अपने हिस्से में चार पायों का निर्माण करेगा, जबकि सेतु निगम की ओर से 17 पायों का निर्माण कराया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे ने इस परियोजना को वर्ष 2026-27 की पिंक बुक में शामिल कर स्वीकृति प्रदान की है। ड्राइंग को लेकर रेलवे प्रशासन ने कुछ तकनीकी आपत्तियां जताई थीं। इसके बाद रेलवे व सेतु निगम के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक संशोधन किए व अंतिम ड्राइंग तैयार की, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।

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    कसया ढाला शहर के सबसे व्यस्त रेलवे समपारों में शामिल है। यहां रेलवे मालगोदाम होने के कारण दिनभर मालगाड़ियों व अन्य ट्रेनों की आवाजाही रहती है। फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है व लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। आरओबी बनने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही देवरिया-भीखमपुर मार्ग पर यातायात भी अधिक सुरक्षित व सुगम हो जाएगा।

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    परियोजना को गति दिलाने में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सांसद शशांक मणि ने वर्ष 2024 में आरओबी निर्माण के लिए शासन पत्र भेजकर मांग की थी। वहीं सदर विधायक डा. शलभ मणि त्रिपाठी की पहल पर निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया गया, जिसके बाद अब परियोजना धरातल पर उतरने जा रही है।

    आरओबी परियोजना एक नजर में

    • कुल लागत: 72.03 करोड़ रुपये
    • रेलवे का अंश: 35.85 करोड़ रुपये
    • सेतु निगम का अंश: 36.17 करोड़ रुपये
    • कुल लंबाई: 613.89 मीटर
    • रेलवे क्षेत्र में लंबाई: 95.5 मीटर
    • रेलवे बनाएगा: चार पाये
    • सेतु निगम बनाएगा: 17 पाये

    कसया ढाले पर प्रस्तावित टू-लेन आरओबी निर्माण के लिए रेलवे ने ड्राइंग की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मशीनें पहुंच चुकी हैं। सीमेंट व अन्य निर्माण सामग्री रखने के लिए गोदाम तैयार किया जा रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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    -विजेंद्र सिंह, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम