वेनेजुएला में मौत के बाद स्वदेश लाए गए भारतीय नाविक के शव से अंग गायब, पत्नी ने CM योगी से लगाई न्याय की गुहार
भारतीय नाविक राकेश चौहान के वेनेजुएला में मृत शरीर से आंतरिक अंग गायब होने के मामले में उनकी पत्नी रंजना चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर ...और पढ़ें

मृतक राकेश चौहान की फाइल फोटो
HighLights
नाविक राकेश चौहान के शव से आंतरिक अंग गायब मिले।
पत्नी रंजना चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय मांगा।
कंपनी पर साक्ष्य छिपाने और धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, देवरिया। वेनेजुएला में समुद्री जहाज पर कार्यरत भारतीय नाविक राकेश चौहान की मृत्यु व उनके शव से आंतरिक अंगों के गायब मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर मृतक की पत्नी रंजना चौहान गुरुवार को अपने ससुर रामदेव चौहान के साथ गोरखपुर पहुंचीं व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में प्रार्थना पत्र सौंप कर मामले में निष्पक्ष जांच, एफआइआर दर्ज कराने व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
रंजना चौहान ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि वह पिछले डेढ़ महीने से न्याय की गुहार लगा रही हैं। कई बार डीएम व एसपी से मिलकर मुंबई स्थित जहाज कंपनी व उससे जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उनका कहना है कि इस मामले में गंभीर अनियमितता व साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया है। भलुअनी क्षेत्र के भगवानपुर (लंगड़ा टोला) निवासी राकेश चौहान मुंबई स्थित एक्सफिनिटी मैरीटाइम सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एमवी एलियाक जहाज पर फिटर के पद पर कार्यरत थे।
पत्नी का आरोप है कि सात मई 2026 को उनके पति की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद कंपनी ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग कारण बताए। पहले जहाज से गिरने, फिर दुर्घटना व बाद में हार्ट अटैक से मृत्यु होने की बात कही। जब परिवार ने वास्तविक परिस्थिति की जानकारी मांगी तो कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
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शव भारत भेजने के लिए उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर कंपनी के लोगों ने शव समुद्र में फेंक देने तक की धमकी दी। बाद में उनके ससुर रामदेव चौहान से हस्ताक्षर कराकर शव भारत भेजा गया। चार जून को राकेश चौहान का शव देवरिया पहुंचा।
पांच जून को जिला प्रशासन की निगरानी में गठित मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। शव से मस्तिष्क, हृदय, दोनों फेफड़े, लीवर, दोनों गुर्दे, प्लीहा, अग्न्याशय, पेट, आंतें, थायरायड ग्रंथि, हायाइड अस्थि, लैरिंक्स व ट्रेकिया सहित कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग गायब थे।
रंजना चौहान ने आरोप लगाया कि उनके नाम से जाली हस्ताक्षर किए गए व मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया गया। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए व दोषियों के विरुद्ध हत्या, साक्ष्य मिटाने, जालसाजी व अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।