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    एटा जलेसर विधायक का रिपोर्ट कार्ड: 300 सड़कों का बिछाया जाल, फिर भी क्षेत्र बदहाल

    By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 01:41 PM (IST)

    जलेसर विधायक संजीव दिवाकर ने 300 से अधिक सड़कों और अन्य विकास कार्यों का दावा किया है, जबकि विपक्ष खारे पानी की समस्या को लेकर सवाल उठा रहा है। आगामी ...और पढ़ें

    एटा जलेसर विधानसभा सीट से विधायक संजीव दिवाकर।

    एटा जलेसर विधानसभा सीट से विधायक संजीव दिवाकर।

    HighLights

    1. विपक्ष ने खारे पानी की समस्या को मुख्य मुद्दा बताया।

    2. 2027 विधानसभा चुनाव में जनता विकास कार्यों का आकलन करेगी।

    जागरण संवाददाता, एटा। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, जलेसर क्षेत्र की जनता आकलन कर रही है कि यहां कितने विकास कार्य हुए हैं। विधायक की ओर से दावा किया जा रहा है कि उन्होंने 300 सड़कों का जाल बिछाया, जिसमें तमाम संपर्क मार्ग और मुख्य सड़क शामिल हैं। कुछ सड़कों का चौड़ीकरण भी हुआ है। कुछ सड़कों का प्रस्ताव शासन में लंबित है। इसके अलावा पटना पक्षी विहार में विकास हुआ है।

    तमाम स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगवाईं गईं। इस विधानसभा क्षेत्र के पांच वर्षों में हुए कार्यों का आकलन किया जाए तो सबसे ज्यादा सड़क दिखाई देती हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि गांव के रास्ते सुदृढ़ हुए हैं। 17 करोड़ 81 लाख की लागत से हाइमास्क लाइटें 685 स्थान पर लगी हैं। इस प्रकाश व्यवस्था के कारण गांव जगमग हो रहे हैं। यात्री प्रतीक्षालय बनवाने पर 4.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए

    यह प्रतीक्षालय गांव में ऐसे स्थान पर बने हैं जहां वाहन अड्डे हैं। जलेसर में रोडवेज बस अड्डा का निर्माण हुआ है हालांकि अभी संचालन शुरू नहीं हो पाया है। 28 करोड़ की लागत से टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट पेयजल परियोजना की तहत टैंक बनाए गए जिससे ग्रामीणों को मीठा पानी उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।

    76 लाख की लागत से सोलर प्रोजेक्ट लगाए गई जिन्हें नेडा द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस वजह से प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त हुई है। दिव्यांग स्कूल, फायर स्टेशन, पुलिया निर्माण और अन्य विकास कार्य कराए गए हैं। जलेसर विधानसभा क्षेत्र खारे पानी की समस्या से जूझ रहा है। यह समस्या वर्षों से है। 45 गांव में हालात खतरनाक हैं। पूरे कार्यकाल में विपक्ष इसे मुद्दा बनाता रहा है और अभी भी बनाए हुए हैं।

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    विपक्ष का कहना है कि जलेसर क्षेत्र में विकास कार्य हुए ही नहीं। खारे पानी की समस्या से आज तक निजात नहीं मिली। दावे भी किए जाते रहे कि समस्या निपट चुकी है। अब देखना यह है कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इन विकास कार्यों पर कितनी मुहर लगाती है।

    विधायक की बात

    पूरे मन और उत्साह के साथ हमने अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराए हैं। 300 से अधिक सड़कों का जाल बिछाया गया। यह सड़कें ऐसे गांव में बनवाईं गईं जहां संपर्क मार्ग पिछले काफी समय से टूटे हुए थे। लोग निकल नहीं पाते थे। बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी गांव के लोगों को उठानी पड़ती थी। पटना पक्षी विहार के विकास का काम किसी से छुपा नहीं है। मंदिरों का जीर्णोंद्धार कराया गया है

    जलेसर में बस स्टैंड की मांग काफी समय से की जा रही थी, वह अब पूरी हो चुकी है। बसों का संचालन शीघ्र शुरू होने वाला है, इससे यातायात सुगम होगा। मैं अपने क्षेत्र की जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहा हूं और रहूंगा। जनता अगर मौका देगी तो आगे भी सेवा करता रहूंगा।
    संजीव दिवाकर, जलेसर विधायक

    विपक्षी की बात

    जलेसर क्षेत्र की जनता सब जानती है कि कितना विकास हुआ है, जो दावे किए जा रहे हैं वे खोखले हैं। विकास के नाम पर सिर्फ जनता को धोखा ही दिया गया है। पिछले पांच वर्ष में गांवों के लोगों को मीठा पानी अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका। जनता काफी समय से मीठे पानी की मांग कर रही है। जो अभी तक पूरी नहीं हुई

    वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा से हिसाब किताब करेगी। सड़कों के जो दावे किए जा रहे हैं, वहां अभी भी सड़कें टूटी हैं। इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
    रणजीत सुमन, सपा रनरअप

    ये है गणित

    • 277943 कुल मतदाता
    • 152222 पुरुष मतदाता
    • 125716 महिला मतदाता
    • 05 अन्य मतदाता

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