कौन है प्रवल प्रताप? जिसने सुप्रीम कोर्ट में कागज उड़ाकर CJI को बोले अपशब्द, लखनऊ यूनिवर्सिटी से है कनेक्शन
सुप्रीम कोर्ट में जजों से बदतमीजी करने वाला प्रवल प्रताप यादव इटावा के भरथना तहसील का निवासी निकला, जिसकी हरकत से उसका परिवार और गांव वाले स्तब्ध हैं। ...और पढ़ें

प्रवल प्रताप
HighLights
प्रवल प्रताप यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जजों से बदतमीजी की।
वह इटावा के भरथना तहसील के नगला जयलाल भोली का निवासी है।
शांत स्वभाव के प्रवल की हरकत से परिवार और गांव वाले स्तब्ध।
जागरण संवाददाता, इटावा। शुक्रवार को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में जजों के सामने बदतमीजी करने व कागज उड़ाकर चीफ जस्टिस को अपशब्द कहने वाला व्यक्ति भरथना तहसील के ग्राम नगला जयलाल भोली का रहने वाला प्रवल प्रताप सिंह यादव है।
भरथना से करीब पांच किमी दूर उसका गांव है। उसके पिता ढाई बीघा खेती के किसान हैं और भरथना कस्बा में प्राइवेट दुकान पर कार्य करते हैं। गांव में प्रवल प्रताप को शांत स्वभाव के रूप में जाना जाता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में उसके द्वारा किए गए हंगामे को लेकर स्वजन सहित गांव के लोग स्तब्ध हैं।
स्वजन का कहना है कि प्रवल प्रताप का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसकी इस अप्रत्याशित हरकत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। कोई यह समझ नहीं पा रहा कि आखिर उससे यह कार्य कैसे हो गया। मां कुंती देवी की प्रवल प्रताप से शुक्रवार शाम को छह बजे बात हुई थी जिसमें उसने सोने की बात कहते हुए फोन करने से मना किया था।

मां कुंती देवी ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा एसएवी इंटर कॉलेज भरथना से हुई थी उसके बाद उसने सुतियानी स्थित एसएस मेमोरियल कॉलेज से स्नातक व हैंवरा डिग्री कॉलेज से बीएड की पढ़ाई पूरी की थी। एलएलबी करने के लिए वह दो वर्ष पहले लखनऊ विश्वविद्यालय चला गया था।
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विश्वविद्यालय परिसर के पास किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा था। एलएलबी की पढ़ाई का एक वर्ष शेष है। 12 मई को उनके ताऊ रविंद्र सिंह यादव के हृदय का ऑपरेशन आगरा में हुआ था तब प्रवल प्रताप साथ में ही था, वहां से वह दिल्ली चला गया था, उसके बाद नहीं आया।
प्रवल की दो बहनें प्रिया व संध्या हैं जिनका विवाह हो चुका है। परिवार की स्थिति सामान्य है, घर में केवल एक कमरा व बरामदा बना हुआ है। छत पर जाने के लिए पक्की सीढ़ियां भी नहीं हैं। गांव निवासी सचिन यादव, सुनील कुमार, विशाल ने बताया कि प्रवल का स्वभाव बेहद शांत था। वह हमेशा लोगों को झगड़े व विवादों से दूर रहने की सलाह देता था। उसने सुप्रीम कोर्ट में यह कृत्य क्यों किया यह उनकी भी समझ में नहीं आ रहा।