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    ट्रक में डिटर्जेंट पाउडर के नीचे छिपाकर हो रही थी तंबाकू की सप्‍लाई, GST टीम के अधिकारियों ने की जांच

    Updated: Thu, 21 May 2026 08:42 PM (IST)

    कायमगंज में जीएसटी टीम ने सुरेंद्र इंटरप्राइजेज के तंबाकू कारखाने पर छापा मारा। यह कार्रवाई लखनऊ में डिटर्जेंट के नीचे छिपाकर तंबाकू की सप्लाई पकड़े ज ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. जीएसटी टीम ने कायमगंज में तंबाकू कारखाने पर छापा मारा।

    2. लखनऊ में डिटर्जेंट के नीचे छिपाकर तंबाकू पकड़ी गई थी।

    3. मालिक ने पकड़े गए तंबाकू से अपनी संलिप्तता नकारी।

    संवाद सहयोगी, कायमगंज। जीएसटी चोरी करने के लिए व्यापारी ट्रकों में अन्य सामान के नीचे छिपाकर तंबाकू की सप्लाई कर रहे हैं। लखनऊ में एक डिटर्जेंट लदे ट्रक में तंबाकू भरी मिली थी। उस ट्रक को टैक्स और जुर्माना अदा करने पर छोड़ दिया गया था, लेकिन जीएसटी के अधिकारियों की टीम ने डिटर्जेंट कारोबारी की तंबाकू गोदाम में छापा मारकर अभिलेखों और स्टाक को खंगाला। यह व्यापारी दोनों कारोबार करते हैं।

    वस्तु एवं सेवा कर की विशेष अनुसंधान शाखा इटावा के संयुक्त आयुक्त संतोष कुमार वर्मा, उप आयुक्त शैलेंद्र सिंह, सहायक आयुक्त इटावा व फर्रुखाबाद के सहायक आयुक्त अमित त्यागी सहित कई अन्य अधिकारियों की टीम गुरुवार सुबह सात बजे ट्रांसपोर्ट चौराहा स्थित सुरेंद्र इंटरप्राइजेज के तंबाकू कारखाने पर पहुंची।

    जांच के दौरान तीनों कारें गोदाम के अंदर हो गईं और मुख्य द्वार बंद कर लिया गया। टीम के अधिकारी शाम तक जांच करते रहे। जानकारी मिली है कि सुरेंद्र इंटरप्राइजेज की भगत छाप तंबाकू की पैकिंग निकलती है। इसी फर्म के मालिक सुरेंद्र अग्रवाल का भगत ब्रांड का डिटर्जेंट पाउडर भी निकलता है।

    जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले लखनऊ में एक लोड ट्रक पकड़ा गया था। उसमें नीचे भगत छाप तंबाकू के पैकेट और ऊपर भगत छाप डिटर्जेंट पाउडर के पैकेट भरे थे, जबकि ट्रक के साथ सिर्फ डिटर्जेंट पाउडर के ही कागज थे। इस मामले तंबाकू पर करीब आठ लाख रुपये टैक्स व पैनाल्टी जमा करने पर ट्रक छोड़ दिया गया। जीएसटी एसआईबी की टीम इसी मामले में तंबाकू फर्म की जांच करने आई थी।

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    संयुक्त आयुक्त ने बताया कि अभिलेखीय जांच में स्टाक रजिस्टर देखने के बाद माल का भौतिक सत्यापन कर मिलान किया गया, जो सही पाया गया, लेकिन अभिलेखों में यह मिलान किया जाएगा कि जितना माल खरीदा गया है, उतने की बिक्री हुई है या नहीं। इसी आधार पर नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। वहीं फर्म के मालिक सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि ट्रक में रखा गया तंबाकू का माल उनकी फर्म का नहीं था। उनके डिटर्जेंट पाउडर की आड़ में किसी ने नकली माल रखा होगा, उसी ने जुर्माना व टैक्स भरा होगा। उन्हें जुर्माना की कोई जानकारी नहीं हैं।

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