फतेहपुर में रिक्शे में निकली अनोखी बरात, आम दूल्हा बना तो जामुन बनी दुल्हन
फतेहपुर में वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण हेतु अनोखी 'पौधों की बरात' निकाली, जिसमें आम का पौधा दूल्हा और जामुन का पौधा दुल्हन बना। इस जागरूकता रैली में ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
फतेहपुर में पर्यावरण जागरूकता हेतु 'पौधों की बरात' निकाली गई।
आम का पौधा दूल्हा, जामुन का पौधा दुल्हन के रूप में।
सीडीओ और वन अधिकारियों ने वृक्षारोपण का महत्व समझाया।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। वन विभाग की ओर से शुक्रवार को पौधों की अनोखी बरात निकाली गई गई। इस बरात में आम के पौधे को दूल्हे की तरह सजाया गया। वहीं दुल्हन के रूप में जामुन के पौधे को चूनर ओढ़ाकर फूल मालाओं से सजे रिक्शे से वानिकी कार्यालय से लेकर बुलेट चौराहा, पत्थरकटा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। जहां बारात में शामित विद्यार्थी को सीडीओ ने पौधा भेंट कर अभियान में सहभागिता करने का आग्रह किया।
वन महोत्सव के तहत पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रभागीय वन कार्यालय से पौधों की बारात निकाली गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना और प्रभागीय वन निदेशक गंगादत्त मिश्रा ने किया। इस दौरान सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में बारात में शामिल हुए।
पौधों की बारात में शामिल स्कूली बच्चे व सामाजिक संगठन के पदाधिकारी। जागरण
बारात के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों और वन कर्मियों ने हरियाली, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण से जुड़े नारों व जनसंपर्क के जरिए लोगों को जागरूक किया। प्रभागीय वन निदेशक गंगादत्त मिश्रा ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन ही नहीं बनाए रखते, बल्कि स्वच्छ वायु, छाया, वर्षा चक्र के संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
आरटीओ दफ्तर में विधायक ने रोपित किए पौधे
अयास शाह विधायक विकास गुप्ता ने आरटीओ दफ्तर में शुक्रवार को पौधारोपण किया। उन्होंने ने आम जनता से अपील किया कि कल की सांसों को सुरक्षित करने के लिए आज अधिक से अधिक पौधारोपण करें। कहा कि वन महोत्सव कार्यक्रम में सभी को अपना योगदान देना चाहिए, ताकि पर्यावरण के खतरे से बचा जा सके।