प्रयागराज में किराए के कमरे में लटका मिला यूपी पुलिस का सिपाही, नहीं मिला सुसाइड नोट, घर में मचा कोहराम
प्रयागराज में 29 वर्षीय सिपाही कृपाल सिंह का शव किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला। शुक्रवार सुबह यह खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस ने सिपाही का म ...और पढ़ें

मृतक का फाइल फोटो।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। 29 वर्षीय सिपाही कृपाल सिंह का शव प्रयागराज में किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला। शुक्रवार सुबह मौत की खबर मिलने से सहकर्मियों समेत अन्य लोगों में खलबली मच गई। एसीपी, इंस्पेक्टर और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पारिवारिक कलह के कारण आत्महत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच कर रही है।
2019 में हुआ था भर्ती
बताया गया है कि फिरोजाबाद के खैरगढ़ क्षेत्र के निकाऊ गांव निवासी कैलाश चंद्र का बेटा कृपाल सिंह वर्ष 2019 में पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती पुलिस लाइन में थी और पुलिस कमिश्नर के एस्कार्ट में भी ड्यूटी करता था। कृपाल करीब तीन साल से कैंट क्षेत्र के राजापुर मुहल्ला निवासी ओम प्रकाश पटेल के मकान में किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। वह हाल ही में आयोजित दारोगा भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल हुआ था।
दो दिन से पुलिस लाइन नहीं जा रहा था
पिछले दो दिनों से पुलिस लाइन में ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। कमरे से भी बाहर नहीं निकला। तब शुक्रवार को मकान मालिक अपने घर के तीसरे फ्लोर पर पहुंचकर कृपाल सिंह को आवाज लगाई, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
खिड़की से देखा तो फंदे पर लटका था
खिड़की से झांका तो वर्दी में सिपाही फंदे पर लटका हुआ था। यह देखकर वह हैरान रह गए। सूचना मिलते ही एसीपी विद्युत गोयल, इंस्पेक्टर कैंट अमरनाथ राय, आरआइ विनोद कुमार समेत अन्य लोग पहुंचे। बंद दरवाजे को तोड़कर पुलिस और फोरेंसिक टीम भीतर दाखिल हुई तो मक्खियां भिनभिना रहीं थीं। शव करीब दो दिन पुराना है।
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बड़ा भाई ओमवीर भी सिपाही
कृपाल सिंह का बड़ा भाई ओमवीर सिंह भी पुलिस में सिपाही है और जार्जटाउन थाने में तैनात है। हालांकि उसकी ड्यूटी इन दिनों नैनी जेल में लगी हुई है। छोटे भाई की मौत की खबर पाकर ओमवीर सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। पूछताछ में पुलिस को बताया कि कृपाल सिंह पारिवारिक मामले को लेकर कुछ दिनों से परेशान चल रहा था। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता सका। मकान मालिक ने बताया कि उसे 18 मार्च की रात को देखा था। इसके बाद नजर नहीं आया।
सिपाही का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का कारण पारिवारिक वजह बताया गया है। मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।--विद्युत गोयल, एसीपी सिविल लाइंस
मेरो लाल कहां गयो...कहते-कहते बेहोश हो गई सिपाही की मां
खैरगढ़। कृपाल सिंह की मौत की सूचना शुक्रवार सुबह 11.30 बजे स्वजन काे इसकी जानकारी हुई, तो चीखपुकार मच गई। मां बेटे को पुकारते हुए कई बार बेहोश हो गई। परिवार के कई लोग कुछ ग्रामीणों के साथ प्रयागराज रवाना हो गए। शनिवार को शव आने की उम्मीद जताई जा रही है।
परचून की दुकान करते हैं कैलाश चंद
निकाऊ निवासी कैलाश चंद्र गांव में ही परचून की दुकान करते हैं। उनके तीन बेटे हैं। सबसे बड़े ओमवीर और दूसरे नंबर के कृपाल सिंह का वर्ष 2018 में आरक्षी पर चयन हुआ था। सबसे छोटा बेटा पेशकार घर पर ही रहता है।
पिता ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे उनकी कृपाल सिंह से फोन पर आधे घंटे तक बात हुई थी। उसे घर आने के लिए छुट्टी नहीं मिल रही थी। फोन कटने के बाद फिर उनकी बात नहीं हो पाई थी। पिता ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही कृपाल सिंह की पत्नी मधुबाला चार वर्षीय बेटे गोलू और एक वर्षीय बेटी काव्या को लेकर मायके शिकोहाबाद के इटौली चली गई थी।