गाजियाबाद के क्रोमा स्टोर से नया लैपटॉप खरीदकर पहुंचीं घर, बॉक्स खुलते ही उड़े होश; आयोग ने लगाई कड़ी फटकार
गाजियाबाद के राजनगर स्थित क्रोमा स्टोर ने एक ग्राहक को पुराना लैपटॉप नया बताकर बेच दिया। आयोग ने क्रोमा को ग्राहक को लैपटॉप की कीमत और कानूनी खर्च लौट ...और पढ़ें

शोरूम वालों ने नए पैकेज में पुराना लैपटॉप बेच दिया था। इसी वाद में उपभोक्ता फोरम ने निर्णय दिया है। एआई इमेज
HighLights
क्रोमा ने ग्राहक को पुराना लैपटॉप नया बताकर बेचा।
उपभोक्ता आयोग ने क्रोमा को दोषी ठहराया, सेवा में कमी मानी।
क्रोमा को लैपटॉप की कीमत और 5 हजार रुपये लौटाने का आदेश।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राजनगर स्थित क्रोमा स्टोर पर एक ग्राहक को पुराना लैपटाॅप नया बताकर बेच दिया गया। घर जाने पर जब पैकिंग खोलने पर लैपटाॅप पर स्क्रैच के साथ धूल जमी मिली तो मामले का पता चला। शिकायत करने पर दुकानदान ने लैपटाॅप वापस नहीं लिया। रुपये देने से भी इंकार कर दिया। इसके बाद मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में कर परिवाद दर्ज कराया गया। आयोग ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए लैपटाॅप की खरीद के वक्त लिए गए रुपये वापस लौटाने के आदेश दिए हैं।
लैपटॉप बदलने से भी किया मना
राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाली प्रियंका त्यागी ने आयोग में मैसर्स इनफिनिटी रिटेल लिमिटेड (क्रोमा) के खिलाफ परिवाद दर्ज कर बताया कि सात मई 2024 को क्रोमा के राजनगर स्थित स्टोर से 43,625.19 रुपये देकर उन्होंने एचपी कंपनी का नया लैपटाॅप खरीदा था। घर जाकर जब डिब्बा खोला तो लैपटाॅप की स्क्रीन पर स्क्रैच और कीबोर्ड पर धूल जमी मिली। इससे स्पष्ट था कि लैपटाॅप पहले से इस्तेमाल किया हुआ है। आठ मई को जब वह शिकायत लेकर स्टोर पहुंची तो स्टाफ ने बदतमीजी की और लैपटाॅप बदलने से मना कर दिया।
आयोग ने माना- सेवा में कमी का मामला
आयोग में सुनवाई के दौरान क्रोमा ने अपने जवाब में कहा कि लैपटाॅप डिलीवरी के समय चेक कराकर दिया गया था और ग्राहक ने कोई शिकायत नहीं की थी। कंपनी ने यह भी कहा कि लैपटाॅप निर्माता कंपनी को पक्षकार नहीं बनाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य शैलजा सचान व आरपी सिंह की पीठ ने माना कि यह सेवा में कमी का मामला है।
नया लैपटॉप और 5 हजार का जुर्माना
आयोग ने कहा कि लैपटाॅप पर स्क्रैच और धूल से साबित होता है कि लैपटाॅप नया नहीं था। रिटेलर की जिम्मेदारी है कि वह ग्राहक को नया और दोषरहित उत्पाद दे। आयोग ने क्रोमा को 30 दिन के अंदर लैपटाॅप की खरीद के वक्त ग्राहक द्वारा दिए गए 43,625.19 रुपये वापस करने और कानूनी खर्चों की प्रतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए। तय समय में भुगतान न करने पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।