Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गाजियाबाद की सबसे बड़ी टाउनशिप हरनंदीपुरम को मंजूरी जल्द, 501 हेक्टेयर में 8 गांवों की जमीन पर बनेंगे मकान

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 11:31 PM (IST)

    हरनंदीपुरम टाउनशिप का पहला चरण 15 अगस्त के बाद लॉन्च होने की तैयारी में है, जिसके लिए जीडीए बोर्ड बैठक में डीपीआर और लेआउट को मंजूरी मिलेगी। ...और पढ़ें

    गाजियाबाद की सबसे बड़ी टाउनशिप को बसाने की तैयारी तेज। फोटो: सांकेतिक

    गाजियाबाद की सबसे बड़ी टाउनशिप को बसाने की तैयारी तेज। फोटो: सांकेतिक

    HighLights

    1. हरनंदीपुरम टाउनशिप का पहला चरण जल्द होगा शुरू

    2. जीडीए बोर्ड बैठक में डीपीआर और लेआउट को मंजूरी

    3. पहले चरण में 50 हेक्टेयर भूमि का होगा विकास

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। हरनंदीपुरम टाउनशिप अब लॉन्चिंग की दहलीज पर पहुंचने लगी है। 15 अगस्त के बाद प्रस्तावित जीडीए बोर्ड बैठक में योजना के पहले चरण को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के विकास कार्य औपचारिक रूप से आरंभ हो जाएंगे।

    पहले चरण में 50 हेक्टेयर क्षेत्र का होगा विकास

    करीब 501 हेक्टेयर में विकसित होने वाली जीडीए की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना अब तक की सबसे बड़ी एकीकृत आवासीय टाउनशिप होगी।

    यह मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा सहित आठ गांवों की भूमि पर विकसित की जाएगी। पहले चरण में लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में भोवापुर और शाहपुर गांव की जमीन पर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

    जीडीए ने पूरी परियोजना की डीपीआर और लेआउट तैयार करा लिया है। पहले चरण में केवल उसी हिस्से का विकास शुरू किया जाएगा, जिसे लांच किया जाना है।

    943.37 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त से मिलेगी रफ्तार

    योजना में आधुनिक सड़कें, पेयजल आपूर्ति, सीवर नेटवर्क, विद्युत व्यवस्था, वर्षा जल संचयन, पार्क, हरित क्षेत्र और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 400 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। अब वर्ष 2026-27 के लिए 943.37 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त स्वीकृत होने से भू-अर्जन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

    अभी तक करीब 200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। सरकारी भूमि को प्राधिकरण के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शेष भूमि के लिए किसानों से सहमति बनाई जा रही है। इसी माह बोर्ड बैठक में पहले चरण के लांच का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके मंजूरी मिलने पर आगे की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।

    - नन्द किशोर कलाल, उपाध्यक्ष जीडीए

    यह भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पूरी तरह बंद, शुक्रवार सुबह 8 बजे से डायवर्जन लागू