गाजियाबाद से हरिद्वार जाना होगा आसान, गंग नहर पटरी रोड चौड़ीकरण का सर्वे पूरा; नए डिजाइन से बचेंगे पेड़
चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर की दाईं पटरी) के निर्माण का संयुक्त सर्वे पूरा हो गया है, अंतिम तकनीकी हरी झंडी मिलते ही काम शुरू होगा। संशोधित यो ...और पढ़ें

गंगनहर पटरी रोड का फाइल फोटो। फोटो: आर्काइव
HighLights
चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग का सर्वे पूरा
नए डिजाइन से 95 हजार से अधिक पेड़ बचेंगे
111 किमी सड़क हरिद्वार यातायात को सुगम बनाएगी
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर की दाईं पटरी) के निर्माण और चौड़ीकरण का रास्ता साफ होने की उम्मीद दिख रही है। लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण मंत्रालय और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मार्ग का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया है।
शासन स्तर से सर्वे टीम से अंतिम तकनीकी हरी झंडी मिलते ही धरातल पर काम में शुरू हो जाएगा। इस मार्ग के बनने से गाजियाबाद से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरिद्वार जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
नए डिजाइन से बचेंगे हजारों पेड़
पर्यावरण संरक्षण के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पूर्व में गंगनहर के किनारे से लगभग 7.5 मीटर की दूरी पर सड़क बनाने की योजना तैयार की गई थी, जिसके तहत गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर के क्षेत्र में करीब एक लाख से अधिक हरे-भरे पेड़ों को काटा जाना था।
भारी संख्या में पेड़ो के कटान को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस पर रोक लगा दी थी। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए मूल प्रस्ताव में बदलाव किया।
नए डिजाइन के तहत अब सड़क का निर्माण नहर के किनारे से केवल दो मीटर की दूरी रखकर किया जाएगा। इस संशोधन से क्षेत्र के लगभग 95 हजार से अधिक पेड़ कटने से बच जाएंगे। बहुत ही सीमित संख्या में पेड़ प्रभावित होंगे।
628 से 700 करोड़ का है प्रोजेक्ट
लगभग 628 से 700 करोड़ का प्रोजेक्ट गाजियाबाद के मुरादनगर से शुरू होकर मेरठ और मुजफ्फरनगर होते हुए जाने वाले करीब 111 किलोमीटर लंबी इस टू-लेन सड़क के लिए शासन स्तर पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत प्रस्तावित की गई है।
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कांवड़ यात्रा में मिलेगी बड़ी राहत
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच पर ट्रैफिक रोकना पड़ता है। इस मार्ग के बनने से सामान्य वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बिना किसी बाधा के एक साथ हो सकेगी। अब लोक निर्माण विभाग को टीम की हरी झंडी मिलने का इंतजार है। यह हरी झंडी शासन स्तर से मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण मंत्रालय और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मार्ग का सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे टीम से अंतिम तकनीकी हरी झंडी मिलते ही काम में शुरू हो जाएगा।
- रामराजा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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