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    गाजियाबाद में कैंसर मरीज को डेढ़ महीने पुलिसकर्मियों ने दौड़ाया, खाते से निकले थे 2.38 लाख

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:58 AM (IST)

    गाजियाबाद में एक कैंसर मरीज के एटीएम कार्ड बदलकर 2.38 लाख रुपये निकाल लिए गए, लेकिन पुलिस ने 41 दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की। एसीपी नंदग्राम के हस्तक् ...और पढ़ें

    कैंसर पीड़ित, जगतपाल।

    कैंसर पीड़ित, जगतपाल।

    HighLights

    1. कैंसर मरीज के एटीएम से 2.38 लाख रुपये की धोखाधड़ी।

    2. गाजियाबाद पुलिस ने 41 दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की।

    3. एसीपी के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज, कार्रवाई का भरोसा।

    विनीत कुमार, गाजियाबाद। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद मंगलवार दोपहर को अपने कार्यालय में बैठे थे। इसी बीच भीतर दाखिल हुए एक बुजुर्ग ने पहले झुककर जमीन छूते हुए एसीपी जियाउद्दीन अहमद को नमस्कार किया। अगले ही पल उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

    एसीपी कार्यालय के चक्कर काटते रहे पीड़ित

    कैंसर से जूझ रहा यह बुजुर्ग कई दिनों से पुलिस चौकी, थाना और एसीपी कार्यालय के चक्कर काटते-काटते इतना टूट चुका था कि अपनी बात भी नहीं कह पा रहा था।

    एसीपी ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर ढांढस बंधाया, तब कहीं वह अपनी व्यथा सुना सके। पीड़ित ने बताया कि 22 जून को नंदग्राम में एटीएम पर उनका डेबिट कार्ड बदलकर खाते से 2.38 लाख रुपये निकाले गए थे, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बाद भी उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

    क्या है पूरा मामला?

    नंदग्राम के आश्रम रोड निवासी जगतपाल हापुड़ रोड स्थित एक फर्म में कंप्यूटर आपरेटर थे। करीब ढाई साल पहले उन्हें यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का पता चला। तब से मेरठ रोड स्थित श्री जगन्नाथ कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।

    जगतपाल ने बताया कि 22 जून को वह इलाज के खर्च के लिए आश्रम रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गए थे। वहां एक युवक ने मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। उन्हें मशीन में तकनीकी खराबी का आभास हुआ तो वह दूसरे एटीएम की ओर चले गए।

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    इसी दौरान मोबाइल पर संदेश आने शुरू हुए। दो बार में 99 हजार 500 रुपये और फिर चार बार में 10-10 हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए। कुल 2.38 लाख रुपये उनके खाते से साफ हो गए। यह पूरी रकम उन्होंने अपने इलाज के लिए बचाकर रखी थी। पीड़ित तुरंत अंबेडकर रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा पहुंचे और कार्ड ब्लाक कराया। इसके बाद नंदग्राम पुलिस चौकी में शिकायत दी।

    आरोप है कि चौकी पर तैनात दारोगा ने चार-पांच बार उन्हें टहलाया और बाद में थाने भेज दिया। थाने पहुंचे तो वहां से बताया गया कि शिकायत एसीपी कार्यालय भेज दी गई है। 14 जुलाई से वह लगातार एसीपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। वहां तैनात एक सिपाही उन्हें यह कहकर टालता रहा कि मामला फ्राड का है और मीटिंग होने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

    इस दौरान न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही जांच आगे बढ़ी। मंगलवार को जब जगतपाल एसीपी कार्यालय पहुंचे तो दर्द छलक पड़ा। उनकी हालत देखकर एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने संबंधित सिपाही से पूछा कि अब तक मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ। सिपाही संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। तब एसीपी ने केस दर्ज करने का आदेश दिया।

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    मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित थाना पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपितों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही शिकायत पर कार्रवाई में हुई देरी की भी जांच कराई जाएगी।


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    जियाउद्दीन अहमद, एसीपी नंदग्राम