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    गाजियाबाद में ई-रिक्शा बने ट्रैफिक जाम की वजह, शहर में बिगड़ी यातायात व्यवस्था

    By Vinit Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Tue, 30 Jun 2026 02:11 PM (IST)

    गाजियाबाद में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बन रही है, जिससे प्रमुख स्थानों पर अनौपचारिक स्टैंड बन गए हैं। ...और पढ़ें

    गाजियाबाद में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बन रही है। जागरण

    गाजियाबाद में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बन रही है। जागरण

    HighLights

    1. गाजियाबाद में ई-रिक्शा से प्रमुख स्थानों पर भीषण जाम।

    2. कलर कोड योजना अधूरी, बिना स्टीकर वाले ई-रिक्शा की भरमार।

    3. पुलिस कार्रवाई के बावजूद अवैध स्टैंड और जाम की समस्या।

    विनीत कुमार, गाजियाबाद। शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या अब ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। रेलवे स्टेशन, पुराना बस अड्डा, नया बस अड्डा, मोहननगर, राजनगर एक्सटेंशन, गौर सिटी कट और वैशाली मेट्रो स्टेशन समेत कई प्रमुख स्थानों पर सड़क किनारे अनौपचारिक ई-रिक्शा स्टैंड बन गए हैं।

    चालक जहां जगह मिलती है, वहीं वाहन खड़ा कर सवारियां भरने लगते हैं। इससे मुख्य सड़कों की एक लेन घिर जाती है और वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर चालान करती है, लेकिन कार्रवाई कुछ दिनों बाद ठंडी पड़ जाती है और हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।

    यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सितंबर 2025 में 26 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा पर जोनवार कलर कोड और नंबर स्टीकर लगाने की व्यवस्था शुरू की गई थी। नगर जोन के लिए लाल, ट्रांस हिंडन के लिए हरा, साहिबाबाद के लिए नीला, लोनी के लिए पीला और मोदीनगर के लिए नारंगी रंग निर्धारित किया गया था, ताकि वाहन की पहचान तुरंत हो सके। हालांकि अभियान अधूरा रह गया और आज भी शहर में बड़ी संख्या में बिना स्टीकर वाले ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं।

    तुराबनगर कट पर हर समय जाम

    अतिव्यस्त अंबेडकर रोड पर तुराबनगर कट के बाहर अक्सर वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ता है। क्योंकि तुराबनगर के बाहर सवारी के इंतजार में खड़े ई रिक्शा चालक सड़क घेरे रहते हैं। बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों और अन्य वाहन चालकों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ता है।

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    नया बस अड्डा भी अतिक्रमण की चपेट में

    शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन और नए बस अड्डे के सामने ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बावजूद ई-रिक्शा चालक सड़क पर कतार लगाकर सवारियां भरते हैं। यहां ई-रिक्शा के लिए अलग लेन बनाई गई है, फिर भी उसका पालन नहीं हो रहा। मौके पर बिना कलर कोड स्टीकर वाले ई-रिक्शा भी चलते मिले।

    एमएमजी अस्पताल के बाहर मरीजों की बढ़ी परेशानी

    जिला एमएमजी अस्पताल में ओपीडी के समय मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रहती है। इसी दौरान सड़क किनारे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े हो जाते हैं, जिससे जीटी रोड पर वाहनों की रफ्तार थम जाती है और कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती हैं।

    गौशाला अंडरपास पर हर वक्त दबाव

    विजयनगर और मुख्य शहर के बीच सबसे व्यस्त मार्ग गौशाला अंडरपास पर ई-रिक्शा का जमावड़ा आम बात है। यहां सवारी भरने के लिए सड़क पर रुकने वाले ई-रिक्शा अक्सर जाम का कारण बनते हैं।

    सड़क पर अवैध रूप से ई-रिक्शा खड़े कर सवारी भरने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे चालकों के चालान किए जा रहे हैं और भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
    -वरुण कुमार सिंह, एडीसीपी ट्रैफिक

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