ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष से गाजियाबाद के प्रवासी घबराए, कतर-कुवैत में विस्फोट का धुआं देखकर घरों में बंद
गाजियाबाद के कई लोग कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं। अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद वे दहशत में हैं और घरों में कैद हो गए हैं। ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कतर और कुवैत सहित अन्य खाड़ी देशों में गाजियाबाद जिले के काफी संख्या में लोग नौकरी कर रहे हैं। खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने के बाद गाजियाबाद के लोग भी वहां दहशत में है। दैनिक जागरण ने कतर और कुवैत सहित अन्य देशों में रह रहे लोगों से बातचीत की। हमले के बाद ज्यादातर लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। वह दहशत में हैं। उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई है।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला
गाजियाबाद में मसूरी, महाराजपुर, शहीद नगर, कैला भट्टा, इस्लाम नगर, नाहल गांव के काफी लोग खड़ी देशों में नौकरी करते हैं। इनमें ज्यादातर ड्राइवर, वेल्डर, राज मिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर आदि काम करते है। कामगारों की भी खासी संख्या है। गाजियाबाद में स्वजन को जैसे हीं पता चला कि ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने हमला के दिया है और ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है तो उनकी चिंता बढ़ गई।
आकाश में धुएं का गुबार देखा
गाजियाबाद के गुल मोहर सोसायटी निवासी जहीर अहमद ने बताया कि उनकी रिश्तेदार कुवैत में रहती है। हमले की खबर सुनकर वह चिंता में है।आने वाले समय में क्या होने वाला कुछ पता नहीं। यह जंग बड़ा रूप भी ले सकती है। हम लगातार संपर्क में बने और उन्हें भारत वापस बुलाने पर विचार कर रहे हैं। कुवैत में काम कर रहे मसूरी के मोहम्मद नदीम ने बताया कि उन्होंने हमला होने के बाद आकाश में धुएं का गुबार देखा।
आकाश में धुआं उठता देखा
इसके बाद वह आवास पर लौट आए। उन्होंने अपने घर पर संपर्क किया है। परिवार भी उन्हें वापस बुलाने पर विचार कर रहा है। हालांकि अभी खतरे की कोई बात नहीं है। आगे जंग बड़ा रूप लेती है तो मुश्किल खड़ी हो सकती है। अभी उन्हें उनके मालिक घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
खबरें और भी
कतर में रह रहे ढ़बारसी थाना मसूरी क्षेत्र के बिलाल राणा ने बताया कि वह ड्राइवर की नौकरी करते हैं। जिस जगह हमला हुआ वह वहां से 15 किलोमीटर दूर थे। उन्होंने हमले का बाद आकाश में धुआं उठता देखा। इसके बाद वह घबरा गए। वहां के अन्य लोग भी घबरा गए। जिसके बाद वह आवास पर आ गए। अगर जंग लंबी खिंचती है तो वह भारत लौट आएंगे।
वीडियो कॉल करके जान रहे हाल
डासना के अजमल ने बताया कि उनका बेटा सऊदी अरब में ट्रक चलाता है। हमले की जानकारी मिलने पर उन्होंने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की है। बेटे ने कहा है कि अभी कोई खतरा नहीं है लेकिन डर बना हुआ कि आगे क्या होगा। वह अब भारत आना चाहते हैं।