गाजियाबाद में आवारा कुत्तों पर हाईटेक निगरानी, माइक्रोचिप लगाने वाला यूपी का पहला नगर निगम बना
गाजियाबाद नगर निगम ने आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने का अभियान शुरू किया है, जो प्रदेश में ऐसा करने वाला पहला निगम है। यह चिप कुत्तों के बंध्याकरण ...और पढ़ें

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HighLights
गाजियाबाद नगर निगम ने आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाना शुरू किया।
यह प्रदेश का पहला नगर निगम है जिसने यह पहल की।
चिप बंध्याकरण और वैक्सीनेशन की जानकारी ट्रैक करने में सहायक।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। आवारा कुत्तों पर अकुंश लगाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने शुरुआत कर दी है। यह प्रदेश का पहला नगर निगम है जिसने आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।
इस अभियान की शुरूआत वार्ड-1 विजय नगर और वार्ड-100 वसुंधरा से की गई है। इस माइक्रोचिप का लाभ यह होगा कि इसे स्कैन करते ही उस कुत्ते के बंध्याकरण से लेकर वैक्सीनेशन तक की जानकारी मिल जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि यह अभियान वार्ड वार चलाया जाएगा।
2030 तक रेबीज से शून्य मृत्यु का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने 2030 तक आवारा कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज से शून्य मृत्यु का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तभी संभव जब सभी आवारा कुत्तों का वैक्सीनेशन हो सकेगा।
इसके तहत ही नगर निगम ने आवारा कुत्तों के बंध्याकरण करने और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया तेज करने के लिए इस माइक्रोचिप को लगाने का निर्णय लिया था। नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किस कुत्ते का बंध्याकरण और वैक्सीनेशन हुआ है कि नहीं इसका पता लगाना।
अब इस चिप के लगाने से निगम को बड़ी आसानी से यह पता चल जाएगा कि आवारा कुत्ते का बंध्याकरण और वैक्सीनेशन कब हुआ था। गाजियाबाद नगर निगम में 100 वार्ड हैं।
आवारा कुत्तों को डाटा बैंक तैयार करने में मिलेगी मदद
इस चिप के माध्यम से आवारा कुत्तों का डाटा बैंक तैयार करने में मदद मिल सकेगी। इसके अलावा आवारा कुत्तों की सही गणना का भी पता चल सकेगा। आवारा कुत्तों की सटीक गणना से यह भी पता चल सकेगा कि बंध्याकरण करने से आवारा कुत्तों की संख्या में कितनी कमी आ रही है।
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ऐसे काम करेगी चिप
उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. अनुज ने बताया कि यह चिप एक डिवाइस से कनेक्ट रहेगी।जिस आवारा कुत्ते में यह चिप लगी होगी उसके शरीर के ऊपर से डिवाइस को घुमाया जाएगा तो वह चिप को स्कैन कर लेगी।
स्कैन करते ही डिवाइस पर उस आवारा कुत्ते की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। डा. अनुज ने बताया कि शहर के 48000 आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और वैक्सीनेशन किया जा चुका है।
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आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने की शुरूआत हो चुकी है। इस अभियान गाजियाबाद के प्रत्येक वार्ड में चलाया जाएगा। अभी दो वार्डों में शुरूआत की गई है। निगम का गाजियाबाद को रेबीज मुक्त करने का लक्ष्य है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगरायुक्त