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    गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा पर हाईटेक निगरानी, 2000 कैमरों से होगी मॉनिटरिंग; 10 अगस्त पर होगी पुष्प वर्षा

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 09:10 PM (IST)

    गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। 2000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, कंट्रोल ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. 2000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी।

    2. सुरक्षा और व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम का शुभारंभ।

    3. 10 अगस्त को कांवड़ यात्रियों पर होगी पुष्प वर्षा।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कावंड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है। कांवड़ रूट और प्रमुख मंदिरों पर दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

    10 अगस्त को जिले के पांच प्रमुख स्थानों पर पुष्प वर्षा कर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया जाएगा।

    कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया

    शुक्रवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने मेरठ रोड पर कांवड़ यात्रा के मद्देनजर बनाए गए बने कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए निगरानी और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को मजबूत किया है।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त गाजियाबाद से होकर गुजरते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    कंट्रोल रूम से कांवड़ मार्ग की लगातार निगरानी के साथ विभिन्न विभागों की हेल्पलाइन सेवाओं को भी एक मंच पर उपलब्ध कराया गया है। इससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्यवाही की जा सकेगी।

    2000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कांवड़ मार्ग, मुरादनगर गंगनहर क्षेत्र, मेरठ रोड, दूधेश्वरनाथ मंदिर सहित प्रमुख स्थानों पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है।

    सुरक्षा और सफाई के मजबूत इंतजाम

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवड़ रूट पर 65 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। 25 से अधिक स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं और 200 से अधिक बेड आरक्षित रखे गए हैं। कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था के साथ जलभराव वाले स्थानों पर जेट पंपों से पानी निकाला जा रहा है।

    मार्ग को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने नगर निगम के कांवड़ शिविर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं से संवाद किया और अपने हाथों से उन्हें भोजन कराया।

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