Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गाजियाबाद सामूहिक विवाह घोटाला: 40 महीने बाद भी 84 अपात्रों से पूरी रकम वसूलने में अधिकारी विफल

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 11:02 PM (GMT+05:30)

    गाजियाबाद में नवंबर 2022 के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को लाभ देने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिकायत के बाद जांच में 156 अपात्र लाभार्थी पा ...और पढ़ें

    गाजियाबाद में नवंबर 2022 के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को लाभ देने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इमेज एआई

    गाजियाबाद में नवंबर 2022 के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को लाभ देने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इमेज एआई

    अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। श्रम विभाग द्वारा नवंबर 2022 में आयोजित किए गए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को भी योजना का लाभ दे दिया गया। प्रत्येक अपात्र को 75 हजार रुपये अनुदान के रूप में विभाग की ओर से दिए गए। इस मामले में शिकायत के बाद जांच हुई तो फर्जीवाड़े का पता चला और अपात्रों को दी गई धनराशि वसूलने के लिए आदेश जारी किए गए।

    तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शत प्रतिशत अपात्रों से धनराशि की वसूली नहीं हो सकी है। इसकी पुष्टि सोमवार को विकास भवन में आयोजित उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आश्वासन समिति की बैठक में पेश की गई रिपोर्ट में हुई है।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को लाभ मिलने की शिकायत उप लोकायुक्त से किए जाने पर तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। जांच में पता चला कि 156 लाभार्थियों द्वारा गलत अभिलेख के आधार पर योजना का लाभ लिया गया।

    अपात्रों के चयन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी पीआर अनिल, शैलजा आनंद, सुभाष भारती द्वारा जांच की गई थी, लापरवाही मिलने पर तीनों अधिकारियों का स्थानांतरण दूसरे जनपदों में किया जा चुका है। तत्कालीन सहायक श्रम आयुक्त आरपी तिवारी व तत्कालीन श्रम आयुक्त रवि श्रीवास्तव द्वारा बरती गई प्रशासनिक शिथिलता एवं पर्यवेक्षणीय दायित्वों में की गई लापरवाही के दृष्टिगत सीएसआर की धारा 351- ए के तहत अनुशासनिक कार्यवाही विचाराधीन है।

    सामूहिक विवाह योजना में कदाचार में संलिप्तता मिलने पर संविदा पर तैनात सहायक लेखाकार अनिल राजपूत की सेवा समाप्त की जा चुकी है। अपात्र पाए गए 156 लाभार्थियों में से 27 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए तो उनके द्वारा 25,42, 048 रुपये की धनराशि बोर्ड के खाते में जमा की गई।

    खबरें और भी

    129 लाभार्थियों के खिलाफ भू राजस्व के बकाये की भांति वसूली प्रमाण पत्र जारी किए गए। इनमें से 45 से पूर्ण वसूली कर 40,78,028 रुपये तथा 34 से वसूली के सापेक्ष आंशिक रूप से 18,41,536 धनराशि की वसूली कर बोर्ड के खाते में जमा कर दी गई है।

    कुल 156 में से 72 अपात्र लाभार्थियोंं से पूर्ण वसूली हो चुकी है, शेष 84 अपात्र लाभार्थियों से धनराशि की वसूली का प्रयास किया जा रहा है, 84 लाभार्थियों में वह भी शामिल हैं, जिनसे आंशिक रूप से वसूली हो चुकी है। आश्वासन समिति ने शेष लाभार्थियों से भी धनराशि की वसूली जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

    यह भी पढ़ें: गाजियाबाद में इस बार डेंगू-मलेरिया पर सख्त वार, रविवार को भी चलेगा विशेष अभियान