विधायक के 18 महीने पूरे, क्या बदला शहर? गाजियाबाद शहर में जाम, जलभराव और डिग्री कॉलेज का इंतजार
विधायक संजीव शर्मा के कार्यकाल में गाजियाबाद में बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। हालांकि, क्षेत्र में जाम, जलभराव और बालिकाओं के लिए डिग्री कॉलेज ...और पढ़ें

नई बस्ती में वर्षा के बाद हो रहा जलभराव। जागरण आर्काइव
HighLights
बुनियादी सुविधाओं में सुधार, दूधेश्वरनाथ मंदिर का सुंदरीकरण हुआ।
जाम, जलभराव और डिग्री कॉलेज की समस्या अभी भी बरकरार।
हरनंदी नदी पर नए पुल निर्माण को मिली स्वीकृति।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर विधानसभा क्षेत्र में पहली बार विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल कर विधायक बने संजीव शर्मा के लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल में क्षेत्र के अंदर बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए कार्य किए गए हैं लेकिन इस क्षेत्र में अभी कई कार्य ऐसे हैं, जिनके पूरे होने का इंतजार क्षेत्र की जनता को है। इस क्षेत्र में क्राॅसिंग रिपब्लिक के पास रोजाना लगने वाले जाम और जीटी रोड पर जाम की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
घर से निकलना भी हो रहा मुश्किल
बालिकाओं के लिए डिग्री काॅलेज बनवाने की मांग भी अधूरी है। जाम और जलभराव इस क्षेत्र की दो प्रमुख समस्याएं हैं। गर्मी के सीजन में बिजली कटौती अधिक होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मानसून सीजन में क्षेत्र की जनता जलभराव की समस्या से परेशान रहती है। बागू, सुदामापुरी, शांतिनगर में गलियों के अंदर इतना पानी भर जाता है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है।
हटवाए अवैध कब्जे
विधायक के कार्यकाल में दूधेश्वरनाथ मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य कराया गया है। रेलवे स्टेशन के पास रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर 40 साल से अधिक समय से किए गए अवैध कब्जे को हटवाया गया है, वहां पर अब पौधारोपण भी किया गया है। खाली कराई गई जमीन पर दस लाख पौधे लगाकर यहां पर हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा। सिद्धार्थ विहार से वसुंधरा व इंदिरापुरम की ओर जाने के लिए हरनंदी नदी पर नए पुल का निर्माण कार्य कराने को स्वीकृति मिल चुकी है, यहां पर पुल बनने से सिद्धार्थ विहार से वसुंधरा व इंदिरापुरम के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
किसने, क्या कहा?
शहर विधानसभा के लाइनपार क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए हैं। दूधेश्वरनाथ मंदिर कारिडोर बनाने का कार्य हो या फिर जीटी रोड पर एलिवेटेड रोड बनाने का कार्य हो, वह अब तक नहीं हुआ है। गंगाजल की आपूर्ति और लड़कियों के लिए डिग्री काॅलेज व स्पोर्टस काम्लेक्स की मांग भी पूरी नहीं हुई है।
-सिंहराज जाटव, रनर अप
लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल में दूधेश्वरनाथ मंदिर के सुंदरीकरण व बागू में अंबेडकर पार्क का सुंदरीकरण कार्य हुआ है। एमएमजी अस्पताल को 300 बेड का बनवाने के लिए 80 करोड़ का बजट स्वीकृत कराया है। महामाया स्पोर्टस स्टेडियम में खेल सुविधाओं को बेहत कराया गया है।नगर निगम से लगभग 200 करोड़ रुपये के विकास कार्य शहर विधानसभा क्षेत्र में हुए हैं। सिद्धार्थ विहार से वसुंधरा के बीच 51 करोड़ रुपये से पुल का निर्माण कार्य कराने, क्रासिंग रिपब्लिक के पास नाले के ऊपर सड़क बनाने और एनएच- नौ से शाहबेरी के बीच एलिवेटेड रोड बनाने के लिए भी सर्वे हो चुका है। जीटी रोड पर भी एलिवेटेड रोड बनवाने की तैयारी है।
-संजीव शर्मा, शहर विधायक
स्थानीय लोगों ने बताई समस्या
बालिकाओं के लिए डिग्री कॉलेज का निर्माण कार्य लाइनपार क्षेत्र में होना चाहिए। जिससे कि उनको 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई करने के लिए दूर न जाना पड़े। डिग्री कालेज बनने के बाद बेटियों की पढ़ाई बीच में नहीं रुकेगी, वह आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
-रजनीश शर्मा, विजयनगर।
शहर विधायक के कार्यकाल में विकास कार्य हुए हैं। अच्छी बात यह है कि लाइनपार क्षेत्र में विधायक रहते हैं, उनसे मुलाकात आसानी से हो जाती है। मिलिट्री ग्राउंड को अपराधियों का गढ़ बना दिया गया था, वहां से अतिक्रमण हटवाकर 50 साल पुरानी समस्या से छुटकारा दिलाया है। धोबीघाट आरओबी के बाद अब वसुंधरा और सिद्धार्थ विहार के बीच कनेक्टिविटी के लिए हरनंदी पर पुल का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। जलनिकासी के लिए एनएच- नौ के किनारे सर्वोदय नगर और भीमनगर से हरनंदी तक नाले का निर्माण किया जाना चाहिए।
-डाॅ. आरके आर्य, अध्यक्ष, लाइपार आरडब्ल्यूए फेडरेशन।
भीमनगर से बागू के बीच सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से नही हुआ था, इसके लिए क्षेत्र की जनता लंबे समय से जनप्रतिनिधियों के पास चक्कर काट रही थी, अब सड़क का निर्माण कार्य हो गया है। जलनिकासी के लिए नाले का निर्माण कार्य होना बाकी है, नाला बन जाए तो जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।
-प्रवीन शर्मा, मवई।
एनएच-9 पर, क्राॅसिंग रिपब्लिक से शाहबेरी को जाने वाली सड़क पर और जीटी रोड पर जाम की समस्या से परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां पर जाम की समस्या खत्म कराने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर नीचे जा रहा है, उसे रोकने के लिए गंगाजल की आपूर्ति लोगों के घरों में की जानी चाहिए।
-गौरव भदौरिया, शिवपुरी।
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