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    दीवार पर लिखा सुसाइड नोट; आरती सचान केस में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट खारिज, कोर्ट ने दिए दोबारा जांच के आदेश

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 01:35 PM (GMT+05:30)

    गाजियाबाद के कवि नगर में आरती सचान आत्महत्या मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी है। अदालत ने जांच में कमी मानते ...और पढ़ें

    आरती सचान आत्महत्या के केस में फिर से जांच करने का आदेश। फोटो: सांकेतिक

    आरती सचान आत्महत्या के केस में फिर से जांच करने का आदेश। फोटो: सांकेतिक

    HighLights

    1. पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज की

    2. अदालत ने मामले की दोबारा जांच का आदेश दिया

    3. पति ने पुलिस पर पहले कार्रवाई न करने का आरोप लगाया

    हसीन शाह, गाजियाबाद। कवि नगर क्षेत्र में एक फरवरी 2024 को महिला आरती सचान द्वारा वीडियो बनाने और दीवार पर सुसाइड नोट लिखने के बाद आत्महत्या करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) खारिज कर दी है।

    अदालत ने माना कि मामले की जांच सभी पहलुओं पर समुचित तरीके से नहीं की गई। महिला के पति का आरोप है कि गवाहों के बयान एक जैसे हैं।

    कोर्ट ने थाना प्रभारी कविनगर को दोबारा जांच कराने का आदेश दिया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों पर भी आत्महत्या से पहले कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे।

    मृतका के पति मनोज सचान ने आरोप लगाया था कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों की लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उनकी पत्नी आरती सचान ने एक फरवरी 2024 को आत्महत्या कर ली थी।

    उन्होंने आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को विवेचना के बाद दावा किया कि आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

    आरती के पति ने जांच पर उठाए सवाल 

    बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, एफएसएल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया लेकिन यह साबित नहीं हो सका कि आरोपितों की प्रताड़ना के कारण महिला ने आत्महत्या की।

    विवेचक ने अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। मृतका के पति ने अदालत में विरोध याचिका दाखिल कर पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए। पति ने दावा किया कि विवेचक ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों और तथ्यों की अनदेखी की।

    सभी गवाहों के बयान लगभग एक जैसे दर्ज किए गए। आरोप है कि निष्पक्ष जांच नहीं हुई। अदालत ने पाया कि मृतका की आत्महत्या के कारणों और विरोध याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर समुचित जांच नहीं की गई। अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट निरस्त करते हुए दोबारा से विवेचना करने का आदेश दिया है।

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    पुलिस अधिकारियों पर भी लगे थे आरोप

    मनोज सचान ने आरोप लगाया था कि आत्महत्या से पहले उन्होंने पत्नी के साथ 24 बार इंसाफ के लिए पुलिस के दरवाजे पर गुहार लगाई। उन्हें हर बार पुलिस से कोई मदद नहीं मिली। आखिरकार उनकी पत्नी परिस्थिति से हार गईं और उन्होंने आत्महत्या कर ली।

    इन पर दर्ज हुआ था मुकदमा

    कविनगर थाने में मनोज सचान की शिकायत पर प्रमोद कश्यप, उनकी पत्नी सविता कश्यप और बेटे अचल कश्यप समेत विपिन एवं उनकी पत्नी, चंद्रपाल केन एवं उनका परिवार, योगेंद्र कपूर, लोकेंद्र, कविता, हिना और अर्पण पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।

    महिला ने दीवार पर इनके नाम लिखे

    महिला आरती सचान ने दीवार पर लिखा है कि मेरी मौत का कारण हैं। इसके बाद क्रमवार सविता कश्यप, अचल कश्यप, विनोद कश्यप, विपिन एवं उसकी पत्नी, हिमा, कविता और सीई का मालिक शब्द लिखा था। एक शब्द महिला ने कलपन लिखकर काट दिया।

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