गाजियाबाद की 15 पंचायतों में खुलेंगे लीगल एड क्लीनिक, कानूनी मदद के साथ ही प्राथमिक उपचार भी मिलेगा
गाजियाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में 15 लीगल एड क्लीनिक खोले जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को सुलभ न्याय और मुफ्त कानूनी सलाह मिल सकेगी। इन क्लीनिकों में जमीन ...और पढ़ें

गाजियाबाद के गांवों में खुलेगी लीगल एड क्लीनिक। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
गाजियाबाद में 15 लीगल एड क्लीनिक खुलेंगे
ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता मिलेगी
महिला उत्पीड़न सहित छोटे विवाद गांव में सुलझेंगे
मदन पांचाल, गाजियाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन ने लीगल एड क्लीनिक खोलने की योजना को गति दे दी है।
ग्राम न्याय सहायता अभियान के अंतर्गत पंचायत स्तर पर लीगल एड क्लीनिकों की स्थापना एवं संचालन को चार सदस्यों को नामित भी कर दिया गया है। यह क्लीनिक पंचायत भवन में करीब एक माह में खोल दिए जाएंगे।
कानूनी सहायता के संग प्राथमिक उपचार का भी इंतजाम होगा। जिले की तीन तहसीलों की दूरस्थ 15 ग्राम पंचायतों में इन क्लीनिकों की स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी तय की गई
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने चयनित ग्राम पंचायतों की सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेज दी है। इतना ही नहीं क्लीनिक संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले चार सदस्यों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इन क्लीनिकों की खास बात यह है कि इसमें स्वास्थ्य विभाग की भी अहम भूमिका तय की गई है।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि सामाजिक और पारिवारिक विवादों के समाधान में समग्र दृष्टिकोण अपनाया जा सके। इसके अलावा ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की सदस्य और एएनएम को क्लीनिक संचालन के लिए खास हिस्सा बनाया गया है, जिससे गांव के हर वर्ग तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।
गांव स्तर पर ही मिल जाएगा समाधान
लीगल एड क्लीनिकों के माध्यम से ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सलाह, आवेदन लेखन, सरकारी योजनाओं की जानकारी और छोटे-मोटे विवादों के समाधान की सुविधा गांव स्तर पर ही मिलेगी।
जमीन, पारिवारिक विवाद, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और सामाजिक तनाव जैसे मामलों को शुरुआती स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे मामले अदालत तक पहुंचने से पहले ही निपट सकें। इस पहल से न केवल गरीब और कमजोर वर्ग को न्याय तक आसान पहुंच मिलेगी, बल्कि पुलिस और प्रशासन पर भी दबाव कम होगा।
समय रहते विवादों के समाधान से गांवों में आपसी सौहार्द बढ़ेगा और कानून व्यवस्था बेहतर होगी। यह योजना ग्रामीण न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की इस मुहिम में अपेक्षा की गई है कि संबंधित ग्राम पंचायतों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर वाद-विवाद से मुक्त किया जा सके।
इन गांवों में खोले जाएंगे लीगल एड क्लीनिक
सदर तहसील के तहत आने वाले रजापुर ब्लाॅक के गांव निगरावटी, आबिदपुर मानकी,नूरपुर,निडोरी और मकरेडा, मोदीनगर तहसील के मोदीनगर ब्लाॅक के गांव खिंदौड़ा, सुराना, सैदपुर हुसैनपुर डीलना, जोया और शेरपुर, लोनी तहसील के ब्लाॅक लोनी के गांव मंडौला, भनैड़ा खुर्द, औरंगाबाद रिस्तल,बादशाहपुर सिरौली और मीरपुर हिन्दू
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तीन तहसीलों की 15 ग्राम पंचायतों में लीगल एड क्लीनिक खोलने के लिए गांव में कार्यरत एएनएम का नाम प्रस्तावित कर दिया गया है। इनका मोबाइल नंबर भी जारी कर दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद संबंधित क्लीनिक को संचालित करने के क्रम में समुचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
- डाॅ. रविन्द्र कुमार, डिप्टी सीएमओ
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