गाजियाबाद में दो दरोगा सस्पेंड, रिश्वत और ड्यूटी में खराब प्रदर्शन पर गिरी विभागीय गाज
गाजियाबाद में दो उपनिरीक्षकों को कार्य में लापरवाही और विभागीय अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। एक पर रिश्वत लेने के आरोप सही पाए गए, जबक ...और पढ़ें

जांच में एक एसआई पर रिश्वत लेने का आरोप सही पाया गया और दूसरे के कार्यक्षेत्र में लगातार वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थीं।
HighLights
गाजियाबाद में दो उपनिरीक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित।
एक पर जांच के दौरान रुपये लेने के आरोप सही पाए गए।
दूसरे पर वाहन चोरी, स्नेचिंग रोकने में विफल रहने पर कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कार्य में लापरवाही और विभागीय अनुशासनहीनता के आरोप में दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एक उपनिरीक्षक पर जांच के दौरान रुपये लेने के आरोप सही पाए गए, जबकि दूसरे पर अपने क्षेत्र में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पाने और स्नेचिंग की वारदात का पर्दाफाश नहीं करने के कारण कार्रवाई की गई है।
वर्तमान में क्यूआरटी नगर जोन में तैनात उपनिरीक्षक अतुल कुमार राठौर के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। अतुल कुमार राठौर पूर्व में नंदग्राम थाने में तैनात रहे हैं। जांच के दौरान उन पर रुपये लेने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया वहीं, इंदिरापुरम थाने की नीति खंड चौकी प्रभारी पूरन सिंह को कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। उनके कार्यक्षेत्र में लगातार वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थीं, जिन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया।
इसके अलावा क्षेत्र में हुई एक स्नेचिंग की घटना का भी पुलिस अब तक पर्दाफाश नहीं कर सकी। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अकर्मण्यता के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही या अनुचित आचरण पाए जाने पर नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।