मौत के साये में पढ़ाई, लोनी के अनूप विहार स्कूल की छतें दे रहीं बड़े हादसे को दावत; अधिकारी बेपरवाह
लोनी के अनूप विहार स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चे जर्जर भवनों में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं, जहां दो कमरे खतरनाक घोषित होने के बावजूद उप ...और पढ़ें

जर्जर स्कूल भवन। जागरण
HighLights
लोनी के अनूप विहार प्राथमिक विद्यालय के भवन जर्जर हैं।
दो कमरे खतरनाक घोषित होने के बावजूद उपयोग में हैं।
अभिभावक और शिक्षक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
हरिशंकर शर्मा, लोनी। सरकार शिक्षा पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है। लेकिन इसके बाद भी बच्चों के शैक्षिक स्तर पर सुधार नहीं हो पा रहा है। लोनी के अनूप विहार के प्राथमिक विद्यालय जर्जर भवनों में जान जोखिम में डाल कर बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है।
विद्यालय मार्ग से चार फुट गहरा है। जर्जर भवन की छतों से वर्षा का पानी कमरों में टपकता है। यह कब ढह जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। प्राथमिक विद्यालय में बने कुल पांच कमरों में से दो कमरे जर्जर हालत में हैं।
विद्यालय में 193 बच्चे और छह शिक्षक हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने दोनों कमरों को जर्जर घोषित कर क्रास का निशान लगा रखा है बावजूद इसके कमरों के अंदर बैठाकर बच्चों के भविष्य की नींव मजबूत किया जा रहा है।
दीवारों पर दरारें हैं, छात्र छात्राओं के सिर पर छत का प्लास्टर गिरता रहता है। वर्षा के दिनों में पानी टपकता है। विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए जमीन तो है लेकिन मजबूत छत नहीं है।
विद्यालय की स्थिति को लेकर अभिभावक कई बार इसकी नाराजगी भी जता चुके है। वहीं विद्यालय में मौजूद शिक्षक भी उच्च अधिकारियों से इससे अवगत करा चुके हैं।
ज्यादातर विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा देने की बात कही जाती है, लेकिन सुविधाओं का क्या करें जब भवन ही जर्जर है।
-किरन, स्थानीय निवासी
विद्यालय के जर्जर कमरे की छत वर्षा में टपकती है। वर्षा के दिनों में हादसे का डर लगा रहता है। विभाग को बच्चों को सुरक्षित भवनों में शिक्षा देनी चाहिए।
-प्रीति शुक्ला, स्थानीय निवासी
निजी स्कूलों में फीस तो लगती है, पर भविष्य सुरक्षित नजर आने लगता है। किसी बात की चिंता नहीं रहती है। सरकारी विद्यालयों में कायाकल्प भी काम नहीं आ रहा है।
-राजीव शर्मा, स्थानीय निवासी
पूर्व में जर्जर भवनों को लेकर सर्वे कराया गया। जर्जर भवनों पर किसी प्रकार का संचालन न हो, इसके लिए निर्देश जारी किए गए है। नगर में जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालयों का सर्वे कराया जा रहा है। पिछले वर्ष चिन्हित लगभग 30 विद्यालयों का कायाकल्प के तहत जीर्णोद्धार किया गया है।
-सर्वेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी लोनी
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