पार्ट-1: फरीदाबाद में 1400 बच्चों का स्कूल, जर्जर भवन और टूटी दीवारें; एक साल बाद भी नहीं सुधरे सरकारी स्कूल
दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया है कि फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों की स्थिति एक साल बाद भी नहीं सुधरी है, जहां जर्जर भवन और टूटी दीवारें बच्चों की स ...और पढ़ें
HighLights
फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में जर्जर भवन और टूटी दीवारें मौजूद।
एक साल बाद भी नहीं सुधरी स्कूलों की बुनियादी ढांचागत स्थिति।
सुरक्षा के लिए नए निर्माण और मरम्मत कार्य की तत्काल आवश्यकता।
निभा रजक, फरीदाबाद। राजस्थान के झालावाड़ में 25 जुलाई को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने से सात विद्यार्थियों की मौत हो गई थी।
हादसे के बाद जिले के सरकारी स्कूलों के जर्जर और कंडम भवनों की पड़ताल 'दैनिक जागरण' की ओर से की गई थी। साथ ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े किए गए थे।
एक साल में स्कूलों की स्थिति में कितना सुधार हुआ है, यह जानने के लिए एक बार फिर 'सरकारी स्कूलों का हाल : साल बदला, तस्वीर नहीं' अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत सोमवार को फरीदाबाद ब्लाॅक के अलग-अलग स्कूलों में पड़ताल की गई।
जर्जर भवन में कक्षाएं लगाने पर रोक
तिकोना पार्क स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक बार फिर पड़ताल की गई। इस स्कूल मेें विद्यार्थियों की संख्या 1400 से अधिक है। बीते वर्ष इस स्कूल में जब पड़ताल की गई थी तो जर्जर और कंडम घोषित भवन में कक्षाएं आयोजित की जा रही थी। यह स्कूल छठी से बारहवीं तक का है।
स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को राजकीय बाल हाइ स्कूूल में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षित कमरों मेें ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की कक्षाएं आयोजित की जा रही है।
स्कूल के प्रधानाचार्य प्रसादी लाल ने बताया कि जनवरी से तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अप्रैल 2027 तक निर्माण कार्य पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बता दें कि स्कूल में निर्माण कार्य हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से करीब चार करोड़ में कराया जा रहा है।
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जर्जर पानी की टंकी को कर दिया है सील
इसके बाद एनआइटी दो स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की पड़ताल की गई। यहां भवन स्थिति ठीक देखने को मिली। लेकिन पानी की टंकी की छत जर्जर थी। स्कूल प्रबंधन की ओर से इसे बंद करके चेतावनी लिखा हुआ नोटिस चस्पा किया गया है। छात्राओं की सु्रक्षा के लिए पानी की टंकी को छत से उतारकर शौचालय के समीप रख दिया गया है। साथ ही जिला शिक्षा विभाग से इसकी मरम्मत की मांग की गई है।
एक साल से टूटी है बाउंड्री वाल
भांकरी के प्राथमिक स्कूल की टूटी हुई बाउंड्री वाल गंभीर समस्या बन गई है। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूल की व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। सरकारी स्कूलों में जर्जर दीवारों और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण अक्सर हादसों का खतरा बना रहता है। बाउंड्री वाल टूटे होने के कारण सरकारी स्कूल मेें पढ़ने वाले 400 से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। शाम को स्कूल मेें असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। आवारा पशु भी प्रवेश कर जाते हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से शिक्षा विभाग से बाउंड्री वाल की मरम्मत की मांग की गई है।

सुरक्षा पर सवाल, यहां तो स्कूल में गेट की नहीं
एनआइटी पांच स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या एक हजार से अधिक है। इस स्कूल में पिछले एक साल से प्रवेश द्वार की दीवार और गेट टूटी हुई है। जिससे सुरक्षा को खतरा है। यहां स्कूल दो शिफ्टों में संचालित होता है।
आश्चर्य की बात तो यह है कि इस स्कूल में बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं का भी आयोजन शिक्षा निदेशालय तथा जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है। स्कूल का गेट नहीं होने के कारण चोरी की खतरा भी बना हुआ है। हालांकि यहां नए भवन का निर्माण हो रहा है। इसके बाद स्कूल की दीवार बनाने के साथ-साथ गेट लगवाया जाएगा।
'मुख्य अध्यापकों से मांगी जानकारी'
"सरकारी स्कूलों की मरम्मत और निर्माण कार्य हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से किया जा रहा है। जिन स्कूलों में जर्जर और कंडम भवन है, उनकी जानकारी मुख्य अध्यापकों से मांगी गई है। स्कूलों की सूची बनाकर बजट के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। जिससे स्कूलों के भवन का निर्माण और सुविधाओं का विस्तार हो सके।"
-डाॅ. मनोज मित्तल, उप जिला शिक्षा अधिकारी।
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