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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दुश्मन के घर में घुसकर चीथड़े उड़ा देता है 'सुसाइड ड्रोन', 150 Km प्रति घंटे की रफ्तार; पढ़ें सभी खासियतें

    By Jagran NewsEdited By: Pooja Tripathi
    Updated: Tue, 26 Sep 2023 11:11 AM (IST)

    गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर बीते दो दिनों से ड्रोन शक्ति प्रदर्शनी जारी है। यहां देश में बने तमाम ड्रोन प्रदर्शनी के लिए लगे हैं जो अपने करतब भी दिखा ...और पढ़ें

    सुसाइड ड्रोन दुश्मन सीमा में घुसकर उड़ाता है चीथड़े।
    सुसाइड ड्रोन दुश्मन सीमा में घुसकर उड़ाता है चीथड़े।

    HighLights

    1. पहली बार साहिबाबाद में होगा इस ड्रोन का उत्पादन
    2. 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ड्रोन करता है दुश्मन पर हमला

    साहिबाबाद, हसीन शाह। सीमा में घुसकर दुश्मन के चिथड़े उड़ाने वाला सुसाइड ड्रोन सोमवार को एयरफोर्स स्टेशन, हिंडन पर लगी प्रदर्शनी में लगाया गया। 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार यह ड्रोन दुश्मन पर हमला करता है।

    अभी तक भारत यह ड्रोन पोलैंड से आयात कर रहा है लेकिन अब इन ड्रोन का उत्पादन साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में हाेगा। इस ड्रोन का वजन 5.7 किलोग्राम है। दुश्मन को नष्ट करने वाला उच्च गुणवत्ता का विस्फोट होता है।

    30 किलोमीटर दूर तक भर सकता है उड़ान

    यह 30 किलोमीटर की दूरी तक उड़ान भर सकता है। यह आकाश में 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ता है, लेकिन जब दुश्मन पर वार करता है तो इसकी रफ्तार दोगुना हो जाती है।

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    तब इसकी रफ्तार 150 किलो मीटर प्रति घंटा हो जाती है। यह दुश्मन को खोजने में सक्षम है। कंट्रोल रूम में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी गतिविधि का पता चल जाता है।

    उड़ान भरते वक्त नहीं होती आवाज

    उड़ान भरते समय इसकी आवाज नहीं होती है। जिससे दुश्मन को इसके आने की भनक नहीं लगती है। एक साथ ये पांच ड्रोन एक ही स्थान पर हमला कर सकते हैं। इसमें इस तरह की तकनीक का प्रयोग किया गया है कि रात में भी यह टारगेट को देख सकता है।

    मौसम का इस पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। दुश्मन का पता चलने के पांच मिनट के भीतर इसे टारगेट को ओर उड़ाया जा सकता है। एक घंटे तक यह ड्रोन बिना रुके उड़ सकता है। जिस स्थान पर यह ड्रोन रखा जाता है, इससे किसी को नुकसान नहीं होता है।

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    दूसरे देशों को निर्यात करेगा भारत

    विश्व में इस ड्रोन की काफी मांग है। बताया जाता है कि यूक्रेन युद्ध में भी इस ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है। भारतीय सेना के पास भी यह ड्रोन हैं।

    भारत इस ड्रोन का आयात पोलैंड से करता है। हालांकि यह ड्रोन पूर्व में भी भारत बना चुका है लेकिन उनका परीक्षण चल रहा है। डब्ल्यूबी इंडिया कंपनी के वाइस प्रसीडेंट संदीप मलिक ने बताया कि साहिबाबाद में इस ड्रोन का उत्पाद शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

    इस तरह दुश्मन को करता है टारगेट

    इस ड्रोन का प्रयोग एक बार ही किया जा सकता है। ड्रोन दुश्मन तक जाकर खुद को उड़ा लेता है। धमाका इतनी तेज होता है कि 20 मीटर के दायरे में दुश्मन व अन्य सामान के चिथड़े उड़ जाते हैं। इस ड्रोन में कोई लाइट और आवाज नहीं होती है।