गाजियाबाद में रजिस्ट्री के बाद भी पांच साल से अटके थे फ्लैट, अब 3496 PMAY लाभार्थियों को मिलेगा कब्जा
गाजियाबाद में प्रधानमंत्री आवासीय योजना (शहरी) के तहत 3,496 फ्लैटों के लाभार्थियों को पांच साल बाद भी कब्जा नहीं मिला है, जबकि उन्होंने पूरी किस्त जमा ...और पढ़ें

मधुबन बापूधाम स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बने भवन। जागरण
HighLights
3,496 पीएम आवास योजना फ्लैटों पर कब्जा नहीं मिला।
लाभार्थियों ने पांच साल पहले रजिस्ट्री करा ली थी।
बाहरी विकास कार्यों में देरी मुख्य कारण रही।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवासीय योजना (शहरी) के लाटरी ड्रा के़ बाद लाभार्थियों को फ्लैट आवंटित हुए हैं। काफी संख्या में लोगों ने पूरी किश्त जमा कराने के बाद रजिस्ट्री करा ली है। इसके बावजूद आवंटियों को अभी तक कब्जा नहीं मिला है। इसके लिए आवंटी प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इनमें कई प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार हैं तो कई निर्माणाधीन हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवासीय योजना (शहरी) के अलावा निजी विकासकर्ताओं के भी फ्लैट भी शामिल हैं।
करीब पांच वर्ष पूर्व लाटरी ड्रा होने के बाद अभी तक आवंटियों को फ्लैट पर कब्जा नहीं मिला है। प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत कुल 3,496 फ्लैट तैयार कराए जा रहे हैं। वर्ष 2018 में मधुबन बापूधाम योजना में प्रथम प्रोजेक्ट में 856 फ्लैट का निर्माण कार्य 2020 तक पूरा करना था, जिसका ड्रा करीब पांच साल पूर्व निकाला गया।
जीडीए अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के अधिकांश फ्लैट बनकर तैयार है और अन्य विभागों की ओर से प्रोजेक्ट में अपना काम न करने पर प्राधिकरण ने अपने स्तर से कार्य पूरे कराए हैं। इसके अलावा डासना में 432, प्रताप विहार में 1,200, नूरनगर में 480 और निवाड़ी में 528 फ्लैट शामिल हैं। इनमें सभी फ्लैट का ड्रा हो चुका है।
साढ़े तीन हजार आवंटियों को फ्लैट पर कब्जा मिलेगा
जीडीए ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पांच प्रोजेक्ट में कुल 3,496 फ्लैट बनाए हैं। फिर भी लाभार्थियों को फ्लैट पर कब्जा नहीं मिला। इसका मुख्य कारण प्रोजेक्ट के बाहरी विकास कार्य न होना था, जिन्हें जल निगम, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम को करने थे। प्राधिकरण ने इस पांच प्रोजेक्ट के सभी काम पर 17.62 करोड़ रुपये खर्च किए। प्राधिकरण ने शासन को पूरी रिपोर्ट भेजकर काम की एवज में खर्च दूसरे विभागों से दिलाने की मांग के लिए पत्र लिखा है।
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सरकारी विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्य
पीएम आवास योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों का कार्य एवं अनुमानित खर्च
| योजना | विभाग | कार्य | खर्च |
|---|---|---|---|
| मधुबन बापूधाम | जल निगम | बाहरी जलापूर्ति | 1.86 करोड़ |
| डासना | यूपी जल निगम | सीवर व जलापूर्ति | 4.20 करोड़ |
| प्रताप विहार | जल निगम | जलापूर्ति | 2.43 करोड़ |
| नूरनगर | जल निगम | जलापूर्ति | 1.29 करोड़ |
| निवाड़ी | लोनिवि | एप्रोच रोड | 67.69 लाख |
| निवाड़ी | जल निगम | 400 एसटीपी, जलापूर्ति व ट्रंक ड्रेन | 7.13 करोड़ |
पीएम आवास योजना (PMAY) - परियोजनाओं की स्थिति
| योजना / परियोजना का नाम | फ्लैट की संख्या | आरंभ वर्ष | समाप्ति वर्ष |
|---|---|---|---|
| मधुबन बापूधाम | 856 | 2018 | 2020 |
| डासना | 432 | 2019 | 2021 |
| प्रताप विहार | 1,200 | 2022 | 2024 |
| नूरनगर | 480 | 2019 | 2021 |
| निवाड़ी | 528 | 2019 | 2021 |
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है। पूरी किश्त जमा होने पर काफी संख्या में आवंटियों की ओर से रजिस्ट्री भी कराई जा रही हैँ। जल्द ही आवंटियों को आवंटित फ्लैट की चाबी सौंपी जाएगी।
प्रदीप कुमार सिंह, अपर सचिव