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    एंटीबायोटिक का गलत सेवन जिंदगी पर पड़ सकता है भारी, डॉक्टर की सलाह जरूरी

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 11:38 PM (IST)

    मोहनगर के आइटीएस कॉलेज में दैनिक जागरण और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 'एएमआर पर प्रहार' कार्यक्रम आयोजित किया। डॉ. छवि गुप्ता ने एंटीबायोटिक के गलत सेवन ...और पढ़ें

    यशोदा मेडिसिटी की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. छवि गुप्ता।

    यशोदा मेडिसिटी की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. छवि गुप्ता।

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    जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। मोहनगर स्थित आइटीएस कालेज में दैनिक जागरण व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त अभियान के तहत बुधवार को एएमआर पर प्रहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें यशोदा मेडिसिटी की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. छवि गुप्ता ने छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को एएमआर के प्रति जागरूक किया।

    उन्होंने बताया कि एंटीबायोटिक का सेवन चिकित्सक के परामर्श पर ही करना चाहिए। बिना चिकित्सक परामर्श के एंटीबायोटिक का सेवन करना हानिकारक हो सकता है। इससे एएमआर का खतरा बन जाता है। एएमआर के कारण गंभीर बीमारियों में मरीजों को बचाना मुश्किल हो जाता है।

    एंटीबायोटिक बैक्टिरिया को मारती हैं। एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से कभी-कभी कुछ बैक्टिरिया मर जाते हैं कुछ बैक्टिरिया बच जाते हैं। यही ड्रग रेजिस्टेंस बैक्टिरिया बन जाते हैं। ड्रग रेजिस्टेंस जिसे हम एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बोलते हैं।

    ड्रग रेजिस्टेंस आने पर काम नहीं करती एंटीबायोटिक

    एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बिना सोचे समझे एंटीबायोटिक के सेवन से हाेता है। हमारा उद्देश्य एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को रोकना होना चाहिए। जितने भी संक्रमण हो रहे हैं वो ड्रग रेजिस्टेंस बैक्टेरिया से हो रहे हैं। कई बार गंभीर बीमारी के मरीज आते हैं वो इतने ज्यादा ड्रग रेजिस्टेंस लेकर आते हैं कि उन पर एंटीबायोटिक काम न करने पर उनकी जान चली जाती है।

    इससे बचाव के लिए चिकित्सक की सलाह पर एंटीबायोटिक की पूरी डोज लें। जिससे एएमआर से बचा जा सकता है। समाज में इसकी जागरूकता फैलानी चाहिए। घर में भी इसकी चर्चा करनी चाहिए। हम सबकी आदत होती है जरा सा बुखार आया या कभी डायरिया हुआ तो एंटीबायोटिक दवा खा ली। मेडिकल स्टोर से ले ली।

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    म्यूटेशन आने पर एंटीबायोटिक होती है बेअसर

    कई बार पुरानी एंटीबायोटिक दवा की पुड़िया बनाकर रख लेते हैं। बुखार व अन्य बीमारियों में बिना चिकित्सक के परामर्श के दवा ले लेते हैं। एंटीबायोटिक बैक्टिरिया के सेल वाल को मारती है या बैक्टिरिया के डीएनए को मारती है। उसमें बदलाव और म्यूटेशन आ जाता है फिर एंटीबायोटिक बेअसर हो जाती है। उस कीटाणु पर काम नहीं करती है।

    इस पूरी प्रक्रिया को ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) बोलते हैं।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने चिकित्सक से एंटीबायोटिक के सेवन से जुड़े प्रश्न पूछे। इस मौके पर यशोदा ग्रुप के जीएम सुरेश वली, आइटीएस ग्रुप की मोनिका शर्मा समेत अन्य मौजूद थे।

    कार्यक्रम में काफी कुछ जानने को मिला। इसके माध्यम से पता चला कि एंटीबायोटिक का सेवन कैसे करें। इस तरह के कार्यक्रम से लोग जागरूक हो सकेंगे। साथ ही एएमआर के खतरे से बच सकेंगे। आजकल लोग बिना चिकित्सक परमार्श के ही मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर एंटीबायोटिक का सेवन कर लेते हैं। - कनिष्क गुप्ता

    लोगों को एंटीबायोटिक का सेवन की सही जानकारी नहीं हैं। कार्यक्रम जागरूक करने वाला रहा। इससे पता चला कि केवल चिकित्सक के परामर्श पर ही एंटीबायोटिक लेना चाहिए। - पायल त्यागी

    बीमारी होने पर एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं। हालांकि जैसे ही ठीक हुए एंटीबायोटिक बंद कर दी जाती है। कार्यक्रम के माध्यम से पता चला कि एंटीबायोटिक का कोर्स पूरा करना चाहिए। तभी एएमआर को रोका जा सकता है। - कृष्णा

    दैनिक जागरण की यह पहल बहुत ही जागरूक करने वाली है। इससे एएमआर के प्रति लोग जागरूक होंगे और इससे होने वाली परेशानियाें से बचाव होगा। - कुणाल सिंह

    एएमआर के बारे में अभी लोगों में जागरूकता नहीं है। इस कार्यक्रम में पता चला कि बिना चिकित्सक परामर्श के एंटीबायोटिक का सेवन हानिकारक हो सकता है। - प्रवीन कुमार पाठक

    कार्यक्रम से काफी जानकारी मिली। इसको अब जीवन में अमल में लाउंगा। आगे से एंटीबायोटिक का सेवन केवल चिकित्सक के परामर्श पर ही करूंगा। - मोहम्मद अमान

    कार्यक्रम में एंटीबायोटिक के सेवन से जुड़ी लाभदायक जानकारी मिली। बहुत अच्छे विषय पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। एंटीबायोटिक दवाओं के सही तरीके से सेवन के लिए लोगों में जागरूकता बहुत जरूरी है। तभी एएमआर से होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। - प्रतीक्षा शर्मा

    दैनिक जागरण द्वारा बहुत ही अच्छा अभियान चलाया जा रहा है। एएमआर के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को काफी जानकारी मिली। - नैंसी शर्मा, प्रधानाचार्य

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