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    बिजली बिल में मेंटेनेंस शुल्क जोड़ना पड़ा भारी, UPPCL ने खारिज की 110 सोसायटियों की रिपोर्ट

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 08:25 PM (IST)

    विद्युत निगम ने सोसायटियों द्वारा बिजली बिल में मेंटेनेंस शुल्क जोड़कर दी गई ऑडिट रिपोर्ट को निरस्त कर दिया है। आयोग के आदेशों का उल्लंघन करने वाली सो ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

    सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. विद्युत निगम ने मेंटेनेंस शुल्क वाली सोसायटियों की ऑडिट रिपोर्टें निरस्त कीं।

    2. प्रीपेड मीटर से बिजली के अलावा अन्य शुल्क काटना आयोग के खिलाफ।

    3. दिसंबर 2026 तक सोसायटियों को मल्टी-पॉइंट कनेक्शन में बदलने की तैयारी।

    राहुल कुमार, साहिबाबाद। विद्युत निगम ने शहर की 400 से अधिक सोसायटी को नोटिस जारी करते हुए आडिट रिपोर्ट मांगी थी।

    बीते एक माह में करीब 110 सोसायटी ने आडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराई है, लेकिन सभी ने आडिट रिपोर्ट में ही मेंटेनेंस शुल्क जोड़कर ही उपलब्ध करा दी। इन सभी आडिट रिपोर्ट को विद्युत निगम ने गलत बताते हुए निरस्त कर दिया है।

    दरअसल सोसायटियों में लगे प्रीपेड मीटर से बिजली बिल के अलावा लिफ्ट एएमसी, जेनरेटर सेट एएमसी, मेंटेनेंस स्टाफ, सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग स्टाप और रेगुलर मेंटेनेंस काटा जा रहा है।

    जबकि विद्युत नियामक आयोग मीटर से बिजली के अलावा कोई भी शुल्क न काटने के आदेश दे चुका है। इसके बाद भी सोसायटी में पुरानी व्यवस्था ही चली आ रही है।

    अगर मेंटेनेंस शुल्क नहीं काटा तो नहीं जमा होंगे बिलजी शुल्क

    सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर मीटर से मेंटेनेंस शुल्क नहीं काटेंगे तो ज्यादातर लोग शुल्क जमा ही नहीं करेंगे। इससे सोसायटी की देखरेख पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।

    वहीं, विद्युत निगम का कहना है कि विद्युत निगम आयोग ने इस पर पूरी तरह से रोक लगाई है कि मीटर से मेंटेनेंस शुल्क नहीं काटा जा सकता है।

    इस पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए ही आयोग ने आडिट रिपोर्ट मांगी है, लेकिन सोसायटी देने के लिए तैयार नहीं हैं। इसीलिए जनवरी 2027 से सोसायटी को मल्टी प्वाइंट में बदलने का कार्य शुरू हो जाएगा।

    मार्च और जून में जारी किए गए नोटिस

    जिले की करीब 410 सोसायटी में से 55 को छोड़कर मल्टी प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित हो रही हैं। बाकी 350 सोसायटी सिंगल प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित हैं। विद्युत निगम ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सबसे पहले मार्च 2025 में नोटिस जारी कर आडिट रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन किसी भी सोसायटी ने उपलब्ध नहीं कराई। जून में फिर से नोटिस जारी किए गए तो सोसायटी आडिट रिपोर्ट देने के लिए आगे जरूर आईं, लेकिन ज्यादातर ने गलत ही रिपोर्ट दी है।

    अगस्त में तीसरा नोटिस होगा जारी

    विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगस्त तक तीसरी बार यानी अंतिम बार नोटिस जारी होंगे। दिसंबर तक जो सोसायटी रिपोर्ट नहीं देंगी उन्हें मल्टी प्वाइंट बिजली कनेक्शन में परिवर्तित किया जाएगा। आयोग ने दिसंबर 2026 तक का समय दिया है।

    खबरें और भी

    दिसंबर के बाद इस तरह लगेगा जुर्माना

    • पहली बार में जुर्माना -5000
    • दूसरी बार में जुर्माना -10000
    • तीसरी बार में जुर्माना -15000

    सभी सोसायटी की आडिट रिपोर्ट निरस्त कर दी गई है। फिर से रिपोर्ट मांगी है। अगस्त तक जो सोसायटी आडिट रिपोर्ट नहीं देंगी उन्हें फिर से नोटिस जारी किया जाएगा।
    -अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम

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