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    गाजीपुर में संविदाकर्मी की मौत पर SDO-JE, और दो एसएसओ सस्पेंड,कुशल लाइनमैन भी बर्खास्त

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 07:13 PM (IST)

    गाजीपुर में संविदाकर्मी धर्मेंद्र यादव की करंट लगने से मौत के मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीओ, जेई और दो एसएसओ को ...और पढ़ें

    संविदाकर्मी लाइनमैन धर्मेंद्र यादव (फाइल फोटो)

    संविदाकर्मी लाइनमैन धर्मेंद्र यादव (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. संविदाकर्मी धर्मेंद्र यादव की करंट लगने से मौत हुई।

    2. एसडीओ, जेई, दो एसएसओ निलंबित, लाइनमैन बर्खास्त।

    3. लापरवाही के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई।

    जागरण संवाददाता, गाजीपुर। खानपुर में ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान संविदाकर्मी धर्मेंद्र यादव की करंट लगने से हुई मौत के मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही पाई गई है।

    इस घटना के बाद प्रबंध निदेशक (एमडी) शंभू कुमार ने सहायक अभियंता एके सिंह (एसडीओ), अवर अभियंता सूर्यनाथ राम (जेई) और ड्यूटी पर तैनात दो एसएसओ नरेंद्र उर्फ नागेंद्र यादव व कृष्णकांत यादव कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि कुशल लाइनमैन प्रभुनारायण राम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

    साथ ही अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना और अधिशासी अभियंता सैदपुर सुधाकर सिंह से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं जेई सूर्यनाथ राम, लाइनमैन प्रभुराम और एसएसओ नरेंद्र उर्फ नागेंद्र यादव के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।

    चार जुलाई को खानपुर विद्युत उपकेंद्र के नेवादा फीडर अंतर्गत अहलादपुर गांव में ट्रांसफार्मर पर कार्य करते समय संविदाकर्मी अकुशल लाइनमैन धर्मेंद्र यादव की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव रखकर खानपुर-जौनपुर मार्ग जाम कर दिया था।

    पुलिस और एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई। घटना के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं ड्यूटी के दौरान जेई और एसएसओ के उपकेंद्र से अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई।

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    एमडी के निर्देश पर हुई उच्चस्तरीय जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई। जांच अभी भी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे भी जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

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