मिर्च का अचार, जलेबी और रसगुल्ले के कारोबार के लिए यूपी सरकार देगी पैसा, ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन
गाजीपुर में मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी के कारोबारियों के लिए 'एक जिला-एक व्यंजन' योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। इस योजना से ...और पढ़ें

मिर्च का अचार, जलेबी और रसगुल्ले के कारोबार को मिलेगा सरकारी सहारा। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
गाजीपुर में ODOP योजना के तहत आवेदन शुरू।
मिर्च अचार, मटर चाट, रसगुल्ला, जलेबी कारोबारियों को लाभ।
परियोजना लागत पर मार्जिन मनी अनुदान मिलेगा।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जिले में मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी के कारोबार से जुड़े उद्यमियों तथा नए कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए अच्छी खबर है।एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओपी) वित्त पोषण सहायता योजना के तहत उद्योग स्थापित करने या मौजूदा इकाई के विस्तार के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू किए जाएंगे। योजना के तहत परियोजना लागत के अनुसार मार्जिन मनी अनुदान का लाभ मिलेगा।
उपायुक्त उद्योग लोकेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में चयनित उत्पाद मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी हैं। इन उत्पादों से जुड़े होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानें, निर्माण इकाइयां तथा नए उद्यमी योजना का लाभ उठा सकते हैं।
आवेदन केवल विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। योजना के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। किसी प्रकार की शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। आवेदक ने केंद्र या प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ न लिया हो।
परिवार के केवल एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा। आवेदन के साथ शपथ पत्र तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर श्रेणी के आवेदकों को सक्षम प्राधिकारी का प्रमाण पत्र भी देना होगा।
खबरें और भी
योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये, 25 से 50 लाख रुपये तक की परियोजना पर 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये 50 लाख से 1.5 करोड़ तक की परियोजना पर 20 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10 लाख रुपये तथा 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी मिलेगी।
सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत और विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को पांच प्रतिशत अंशदान स्वयं जमा करना होगा। उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद मार्जिन मनी बैंक ऋण में अनुदान के रूप में समायोजित कर दी जाएगी।