गोंडा में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, एल्गिन ब्रिज और अयोध्या में बढ़ता रुझान
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ...और पढ़ें

सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा।

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जागरण संवाददाता, गोंडा। नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों हो रही बरसात से अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज और अयोध्या दोनों ही प्रमुख स्थानों पर तेज़ी से बढ़ रहा है।
एल्गिन ब्रिज पर नदी का वर्तमान जलस्तर 105.770 मीटर दर्ज किया गया है, जो कि खतरे के निशान (106.070 मीटर) से महज 0.30 मीटर (30 सेमी) नीचे है। यहाँ जलस्तर का रुझान लगातार बढ़ने बढ़ने की ओर है।
इसी तरह, अयोध्या में भी सरयू नदी का रुख चढ़ता हुआ दिख रहा है। यहाँ जलस्तर 91.690 मीटर पहुँच चुका है, जबकि खतरे का बिंदु 92.730 मीटर है।
राहत की बात यह है कि विभिन्न बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कुल डिस्चार्ज में कमी का रुझान दर्ज किया गया है। नदियों में कुल 1,23,614 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया।
गिरिजा बैराज से 95,457 क्यूसेक, शारदा बैराज से 21,540 क्यूसेक, सरयू बैराज से 6,617 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
भले ही बैराजों से डिस्चार्ज घटने लगा है, लेकिन एल्गिन ब्रिज और अयोध्या में खतरे के निशान के बेहद करीब पहुँच रहे जलस्तर को देखते हुए तटीय व निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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