'भइया ज्यादा दाम लगेगा, मैडम एक तक मांग रही हैं', आंगनबाड़ी भर्ती के नाम पर पैसे मांगने का ऑडियो वायरल
गोंडा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती में पैसे मांगने का ऑडियो वायरल हुआ है। ऑडियो में एक लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। ...और पढ़ें
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आंगनबाड़ी भर्ती के नाम पर पैसे मांगने का ऑडियो वायरल।

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संवाद सूत्र, गोंडा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पदों पर भर्ती के लिए पैसे मांगने का ऑडियो वायरल हो रहा है।ऑडियो में कहा गया कि हेलो, हां भइया। क्या हुआ बात किए थे चाचा, हां बात हमने किया था। फिर आप चले गए। मैडम को जल्दी थी वह भी निकल गईं।
हम तो बात किए थे, ये बताइए कि इसमें रुपया लगना ही लगना है। कितना तक जैसे...दो नंबर छोड़कर आपका तीसरे नंबर का करना है। कितने तक... भइया ज्यादा दाम लगेगा, मैडम एक तक मांग रही हैं। ठीक है हम घर पर बात कर बताएंगे। ठीक है बात करके बताइएगा, जो उल्टा-सीधा होगा किया जाएगा। पैसा लेंगे तो काम होगा।
ये बातचीत जिले में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत छपिया में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए ऑडियो में सुनाई दे रही है।
दैनिक जागरण ने 14 मार्च के अंक में आंगनबाड़ी भर्ती का रेट एक लाख रुपये, आडियो वायरल शीर्षक से प्रकाशित की थी, इसके बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) वंदना ने छपिया थाने में पैसा मांगने वाले मन्नू वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा कराया है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 14 व सहायिका 725 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन नवंबर 2025 में मांगे गए थे। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 13 दिसंबर निर्धारित की गई थी। निर्धारित अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए 222 व सहायिका के लिए 4844 समेत कुल 5066 आवेदन विभाग को प्राप्त हुए थे।
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आवेदन पत्र पोर्टल से अपलोड करने के बाद विभाग ने मेरिट सूची जारी करके अभिलेखों का सत्यापन कराया है। 13 मार्च को बाल विकास परियोजना छपिया के आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर दो ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए थे। जिसमें भर्ती को लेकर पैसे के लेनदेन की बात सामने आई थी।
दैनिक जागरण उक्त ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। विभागीय सूत्र के अनुसार पैसा मांगने वाला व्यक्ति नियमित कार्यालय आता था और विभागीय कार्य भी उससे लिए जाते थे। सीडीपीओ वंदना कहना है कि खुद को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताकर पैसा मांगने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा कराया गया है। मेरा कोई लेना देना नही है। आरोप निराधार है।
थानाध्यक्ष छपिया प्रबोध कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर आरोपित की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम आरोपी के घर गई थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला और उसका मोबाइल फोन भी स्विच आफ है। उन्होंने बताया कि आरोपी कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है। आरोपित पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि पैसा मांगने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। सीडीपीओ को भर्ती प्रक्रिया से हटा दिया गया है। विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही भी प्रस्तावित की गई है।
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