गोंडा के कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, आपराधिक कार्यवाही पर लगी रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गोंडा के कांग्रेसी नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी को बड़ी राहत दी है। एक आपराधिक मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर अगली ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, कर्नलगंज (गोंडा)। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दिया है।
कोर्ट ने राज्य बनाम त्रिलोकी नाथ तिवारी संबंधित केस की कार्यवाही को 'लिस्टिंग' की अगली तारीख तक स्थगित कर दिया है। अदालत ने कहा कि एफआईआर में उठाया गया विवाद दो पक्षों (उम्मीदवारों)के बीच का आपसी मामला प्रतीत होता है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि जिस प्रकार से मामले का संज्ञान लिया गया है, वह कानूनी रूप से केवल एक औपचारिक शिकायत। के माध्यम से ही संभव था।
आगे की प्रक्रिया
अदालत ने विपक्षी और सरकारी वकील को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई अब से छह सप्ताह बाद तय की गई है। तब तक के लिए याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्यवाही या निचली अदालत की प्रक्रिया पर रोक जारी रहेगी।
बताते चलें, विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान गोंडा के कैसरगंज लोकसभा से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को धमकी भरा पत्र और मिर्च का पाउडर मिला था। इसके बाद सांसद प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि ने थाने पर तहरीर देते हुए बताया था कि सांसद बृजभूषण शरण सिंह के नाम स्पीड पोस्ट से एक लिफाफा 18 फरवरी को सांसद को मिला। जिसे त्रिलोकी नाथ तिवारी के नाम से पोस्ट किया गया था।
लिफाफे में धमकी भरा पत्र और 500 ग्राम मिर्च का पाउडर निकला
लिफाफा खोलने पर उसमें एक धमकी भरा पत्र और 500 ग्राम मिर्च का पाउडर था। पत्र में लिखा था कि मुसलमानों के खिलाफ चुनाव में आपने बयानबाजी की, उसकी मैं निंदा करते हुए चेतावनी देता हूं कि जितना संभलना हो संभल जाओ। वैसे तुम काफी पहले से मुस्लिम आतंकवादियों के निशाने पर हो। बस उन्हें स्थानीय स्तर पर सहयोग देने वाले लोग नहीं थे। इसलिए अब तक तुम बचते रहे।
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अब तुम्हारा बचना मुमकिन नहीं है। जितनी चाहो सुरक्षा रखो। हत्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हो सकती है तो तुम अभी उनसे बड़े नेता नहीं हुए हो। तुम्हें और तुम्हारे परिवार को नेस्तनाबूद करना हमारे बांए हाथ का खेल है। सांसद प्रतिनिधि की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था।