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    न सात फेरे, न मंत्रोच्चार... यूपी में संविधान को साक्षी मानकर दूल्हा-दुल्हन ने रचाई शादी, Video Viral

    Updated: Sun, 10 May 2026 06:40 AM (IST)

    गोंडा और बस्ती के एक जोड़े ने पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार की बजाय संविधान की प्रस्तावना को साक्षी मानकर शादी की। ...और पढ़ें

    संविधान की शपथ लेते वर-वधू

    संविधान की शपथ लेते वर-वधू

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    संवाद सूत्र, जागरण, गोंडा। वैदिक मंत्रोच्चार को छोड़कर दूल्हा-दुल्हन ने संविधान को साक्षी मानकर शादी की। स्टेज पर दूल्हे के आठ वर्ष के भाई ने माइक से संविधान की प्रस्तावना पढ़वाकर दूल्हा-दुल्हन समेत सभी रिश्तेदारों को शपथ दिलाई।

    ये फंक्शन बस्ती जिले के हरगांव बेलभरिया में बीती छह मई को हुआ। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। मनकापुर कोतवाली के सतिया गांव के निवासी दूल्हा सुभाष वर्मा मुंबई में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में फोरमैन हैं। जबकि, दुल्हन अर्चना वर्मा बस्ती के हरगांव बेलभरिया की रहने वाली हैं।

    अर्चना दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। दूल्हा छह मई को बारात लेकर बस्ती पहुंचा तो दुल्हन के परिवारीजन ने बारातियों का स्वागत किया। दूल्हा-दुल्हन सीधे जयमाल के लिए स्टेज पर पहुंचे।

    दूल्हे के साथ उसका चचेरा भाई तन्मय भी शेरवानी पहनकर स्टेज पर पहुंचा। इसके बाद दूल्हे के चाचा समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग के प्रदेश सचिव जैश वर्मा ने अचानक माइक से घोषणा किया कि वरमाला पहनाने के बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़कर रस्म पूरी की जाएगी।

    इसके बाद दूल्हा दुल्हन के बीच बैठे तन्मय ने अपने हाथ में माइक लिया और संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, जिसे दूल्हा-दुल्हन ने दोहराया। दूल्हे के पिता राम नारायण वर्मा का निधन 2017 में हो गया था।

    सुभाष अपने चाचा जैस वर्मा के बड़े बेटे तन्मय के साथ रहते हैं। तन्मय ने इस अनोखे विवाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूल्हे के चाचा ने बताया कि शादी में संविधान की शपथ दिलाने से मेरा उद्देश्य है कि आज धर्म का राजनीतिकरण हो रहा है।

    हमारा समाज लगातार बंटता जा रहा है। मैंने संविधान की उद्देशिका को पढ़कर शादी इसलिए कराई कि संविधान ही एक ऐसी चीज है, जो सर्वमान्य है। जिसकी शरण में आज नहीं तो कल सभी को जाना है। जब संविधान की शरण में कल जाना है तो हम शुरुआत क्यों न वहीं से करें। इसलिए हम आज ही संविधान की शरण में चले गए।

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