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    गोंडा में 1.13 करोड़ की नकली दवाएं सीज, 9 जिलों की पुलिस ने रेड मारा; एक आरोपी गिरफ्तार

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 11:34 AM (IST)

    गोंडा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने रानीबाजार बड़गांव में बिना लाइसेंस चल रहे तीन दवा गोदामों पर छापा मारा। ...और पढ़ें

    करोड़ों की नकली दवा हुई बरामद।

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    जागरण संवाददाता, गोंडा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने रानीबाजार बड़गांव में बिना लाइसेंस के संचालित तीन औषधि गोदामों में छापेमारी करके एक करोड़ 13 लाख रुपये की नकली व प्रतिबंधित दवाएं सीज की है।

    बरामद औषधियों में डिपट्राम प्लस कैप्सूल, अल्ट्रानिम-पी, प्रोक्सीस्पास कैप्सूल, ट्रामाडोल इंजेक्शन आदि शामिल है। संयुक्त टीम ने जांच के लिए 19 औषधियों के नमूने भी लिए हैं। इस अभियान में प्रदेश के नौ जनपदों के औषधि निरीक्षकों शामिल रहे।

    अमन फार्मास्युटिक्लस के मालिक अमन व शिवम कसौधन के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया है। जबकि, अमन अभी फरार चल रहा है।

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नौ जिलों के औषधि निरीक्षकों की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस बल के साथ बरियारपुरवा, सोनार गली, बड़गांव में सघन चेकिंग अभियान चलाया। टीम अमन फार्मास्युटिक्लस पर जांच करने गई, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला।

    शिवम कसौंधन के घर जाकर पूछताछ किया गया। इसके बाद दुकान व गोदाम पर जांच की गई। संचालक दवाओं की खरीद बिक्री के साथ ही बिल, स्टाक रजिस्टर समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं प्रस्तुत कर सके। यही नहीं, अवैध रूप से पूरा कारोबार संचालित पाया गया।

    पुलिस ने मुख्य संचालकों में शामिल रानीबाजार बड़गांव शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया। उसका भाई एवं इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक अमन कसौधन फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

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    जिला औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि अवैध रूप से नशीली औषधियों का कारोबार कर युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए आरोपितों के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

    ये औषधि की गई बरामद

    कार्रवाई के दौरान 53 हजार 712 डिपट्राम प्लस कैप्सूल, 14 हजार 700 अल्ट्रानिम-पी टैबलेट, 59 हजार 256 प्रोक्सीस्पास कैप्सूल, दो लाख 82 हजार 960 सेम्प्लेक्स प्लस कैप्सूल, 32 हजार 160 रोमर स्पास कैप्सूल, एक लाख 96 हजार ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60 हजार अल्जोमैक 0.5 (अल्प्राजोलम) टैबलेट व 63 बोतल कोडीन फास्फेट सिरप (एनरेक्स/वनरेक्स) सहित बड़ी मात्रा में अन्य एलोपैथिक औषधियां बरामद की गई है। बरामद दवाओं का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग एक करोड़ 13 लाख रुपये है।

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