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    रेलकर्मियों को मिलेगी बड़ी सौगात, पांच लाख पदोन्नति और आठवें वेतन आयोग की तैयारी

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 07:50 AM (IST)

    आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि जल्द ही पांच लाख रेलकर्मियों को पदोन्नति मिलेगी और आठवां वेतन आयोग 2028 तक ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि भारतीय रेलवे स्तर पर जल्द ही पांच लाख रेलकर्मियों को पदोन्नति मिलेगी। रेलवे बोर्ड स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। आठवें वेतन आयोग में बेसिक के साथ एलाउंस का भी एरियर मिलेगा।

    ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने रेल मंत्रालय के समक्ष प्रस्ताव रखा है। साथ ही मांग की है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) पर भी रेलकर्मियों के देय का तुरंत भुगतान किया जाए। वीआरएस लेने वाले कर्मियों का एक साथ सभी देय भुगतान नहीं होता, जो उचित नहीं है।

    एआइआरएफ के जनरल सेक्रेटरी सोमवार को गोरखपुर स्थित एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के पुनर्निमित केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। आठवें वेतन आयोग के संबंध में उन्होंने बताया कि एआइआरएफ ने रेल मंत्रालय के समक्ष पांच यूनिट पर आयोग गठन का सुझाव प्रस्तुत किया है। अभी तक रेलकर्मियों को तीन यूनिट के आधार पर वेतन का निर्धारण होता रहा है।

    एआइआरएफ ने रेलकर्मी और उसकी पत्नी तथा उसके बच्चों के अलावा उनके माता-पिता को भी जोड़ा है। रेलकर्मियों के ऊपर माता-पिता की भी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने बताया कि एआइआरएफ की पहल पर वर्ष 2004 से पहले के मृत रेलकर्मियों के उन बच्चों को जो 2004 के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाए हैं, उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ मिल रहा है। एआइआरएफ, ओपीएस मामले में आधी से कम पेंशन पर कोई समझौता नहीं करेगा।

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    सेवानिवृत्ति के समय 1/5 हिस्सा कटौती के रिफंड की भी मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि आठवें वेतन आयोग पर कार्य तेजी के साथ चल रहा है। वर्ष 2028 तक आयोग लागू हो जाएगा। मिनिमम वेज 69 हजार रुपये की मांग की गई है। इसको लेकर एआइआरएफ की तरफ से ज्ञापन भी सौंपा गया है। रेलकर्मी सेवा की तरह कार्य करते हुए 24 घंटे ट्रेन चलाने का कार्य कर रहे हैं।

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    पूर्वोत्तर रेलवे में कर्मचारी संगठन की मान्यता के लिए हुए चुनाव में नरमू के दूसरे नंबर पर आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की थी। कमियों को दूर कर नई रणनीति से काम कर रहे हैं। यूनियन को मजबूत बनाने के लिए युवाओं और महिलाओं को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। एआइआरएफ युवाओं व महिलाओं की ही लड़ाई लड़ रहा है।