गोरखपुर में सांड़ के हमले में टूटी गर्दन की हड्डी, एम्स में जटिल सर्जरी
गोरखपुर एम्स में सांड़ के हमले में घायल एक 55 वर्षीय व्यक्ति की गर्दन की हड्डी की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह एम्स में पहली बार हुई ट्रामैटिक सर ...और पढ़ें

गोरखपुर एम्स। जागरण
HighLights
एम्स गोरखपुर में पहली बार जटिल स्पाइन सर्जरी हुई।
सांड़ के हमले में घायल व्यक्ति की गर्दन की हड्डी टूटी थी।
विशेष ट्रैक्शन और प्लेट लगाकर हड्डी को स्थिर किया गया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स में पहली बार ट्रामैटिक सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की हड्डी में चोट) की जटिल सर्जरी की गई। सांड़ के हमले में घायल 55 वर्षीय अधेड़ की गर्दन की हड्डियां टूट गई और प्लेट खिसक गई थीं। ट्रामा एंड इमरजेंसी विभाग के चिकित्सकों ने सफल आपरेशन कर उसकी गर्दन को स्थिर कर दिया है।
खजनी क्षेत्र के जैतपुर में रहने वाले एक अधेड़ पर 18 जुलाई को सांड़ ने हमला घायल कर दिया। सांड के पटकने से अधेड़ के गर्दन की सर्वाइकल स्पाइन की दो प्लेटें अपनी जगह से खिसक गईं और एक स्थान पर फ्रैक्चर हो गया। निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने गर्दन की जटिल स्थिति को देखते हुए सर्जरी करने में असमर्थता जताई। 19 जुलाई को रोगी को एम्स में भर्ती कराया गया।
एम्स के ट्रामा एंड इमरजेंसी विभाग के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अरुण पांडेय ने बताया कि जांच में रोगी की सी-सिक्स और सी-सेवेन हड्डियों में गंभीर चोट मिली। सर्जरी से पहले रोगी के सिर में विशेष प्रक्रिया के तहत छेद कर ट्रैक्शन (खिंचाव) लगाया गया। इसके माध्यम से गर्दन की खिसकी हुई हड्डियों और प्लेटों को धीरे-धीरे सही स्थिति में लाया गया।
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इसके बाद फ्रैक्चर हड्डी को नई प्लेट लगाकर स्थिर किया गया। ऑपरेशन के बाद रोगी को आइसीयू में रखकर लगातार निगरानी की गई। चिकित्सकों के अनुसार अब उसकी स्थिति में सुधार है।
सर्जरी करने वाली टीम में डा. अरुण पांडेय के साथ डा. सुहास मल्ल, डा. अरविंद कुमार और डा. अनिल शामिल रहे। संस्थान की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डा. विभा दत्ता ने पूरी टीम को बधाई दी है। एम्स के लिए यह स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।