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    गोरखपुर एम्स में बनेगा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर, 25 एकड़ में होगा निर्माण

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 10:07 PM (IST)

    गोरखपुर एम्स में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इसके लिए 25 एकड़ भूमि की तलाश जारी है, जिससे ...और पढ़ें

    25 एकड़ में बनेगा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर।

    25 एकड़ में बनेगा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर।

    HighLights

    1. एम्स गोरखपुर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर का प्रस्ताव।

    2. परियोजना के लिए 25 एकड़ अतिरिक्त भूमि की तलाश जारी।

    3. पूर्वी यूपी, बिहार, नेपाल को मिलेंगी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक व अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर निर्माण के लिए लगभग 25 एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है।

    एम्स प्रशासन का मानना है कि यह भूमि वर्तमान परिसर के आसपास उपलब्ध होने पर ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकेगा। इसके लिए शासन स्तर पर लगातार बातचीत चल रही है और प्रस्ताव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार को भेज दिया गया है।

    लगभग 20 दिन पहले पटना में इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें परियोजना की रूपरेखा, भूमि की उपलब्धता और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि एम्स में बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाना आवश्यक है।

    वर्तमान एम्स परिसर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाने के लिए सीमित स्थान उपलब्ध है। वहां भवन का निर्माण संभव है, लेकिन संस्थान का मानना है कि भविष्य में मरीजों की संख्या और चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होने पर अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता पड़ेगी। यदि अभी उपलब्ध जगह का उपयोग नए ब्लॉक के निर्माण में कर दिया गया तो आगे चलकर एम्स के अन्य विस्तार कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

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    इसी कारण एम्स प्रशासन सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर को मुख्य परिसर के निकट किसी अलग स्थान पर विकसित करने के पक्ष में है। इससे एक ओर वर्तमान परिसर में भविष्य के विस्तार की संभावनाएं सुरक्षित रहेंगी, वहीं दूसरी ओर दोनों नई इकाइयों को आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध हो सकेगी।

    प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक विभाग स्थापित किए जाने की योजना है। वहीं, ट्रामा सेंटर में सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों और आपातकालीन मामलों के उपचार के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्ताव में दोनों संस्थानों के लिए आवश्यक भवन, आधुनिक मशीनें, चिकित्सा उपकरण, मानव संसाधन और लगभग 25 एकड़ भूमि की मांग शामिल की गई है।

    सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक व ट्रामा सेंटर का मानचित्र सहित प्रस्ताव केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से तैयार कराकर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार को भेज दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता भी कम होगी। -डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक एम्स।

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