Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गोरखपुर विश्वविद्यालय दीक्षा समारोह में बोलीं राज्यपाल, 'समान अवसरों में बेटों से बेटियां निकल रहीं आगे, इस पर हो गंभीर मंथन'

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 01:29 PM (IST)

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि समान अवसर मिलने पर भी बेटियां बेटों से बेहतर प्रदर्शन कर ...और पढ़ें

    गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षा समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। जागरण

    गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षा समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। जागरण

    HighLights

    1. बेटियां बेटों से आगे, राज्यपाल ने मंथन पर जोर दिया।

    2. मानसिक शक्ति, अनुशासन, दृढ़ संकल्प बेटियों की सफलता का राज।

    3. छात्रों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षा समारोह में कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में बेटों और बेटियों को समान अवसर उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। यह केवल उपलब्धि का विषय नहीं, बल्कि इस बात पर गंभीर मंथन करने की आवश्यकता है कि आखिर बेटियां हर क्षेत्र में आगे क्यों निकल रही हैं।

    उन्होंने कहा कि बेटियां शारीरिक रूप से भले ही कमजोर दिखाई दें, लेकिन मानसिक रूप से अत्यंत सशक्त होती हैं। अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर वे शिक्षा, खेल, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय बेटियों का शानदार प्रदर्शन इसका प्रमाण है, जिसने पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।

    राज्यपाल ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक एवं शोध सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ वैश्विक स्तर के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यदि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग करें तो भारत को विश्व में अग्रणी बनने से कोई नहीं रोक सकता।

    यह भी पढ़ें- गोरखपुर के महेसरा ईकोलॉजिकल पार्क में ही बनेगा पूर्वांचल कला ग्राम, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी नई पहचान

    उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाएं तथा अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ें। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पीढ़ी ज्ञान, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    खबरें और भी