गोरखपुर BRD में होगी हीमोफीलिया की उन्नत जांच, नहीं जाना पड़ेगा लखनऊ
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब हीमोफीलिया की उन्नत और विस्तृत जांच सुविधा जल्द शुरू होगी। इससे मरीजों को सटीक निदान के लिए लखनऊ नहीं जाना पड़ेग ...और पढ़ें

फैक्टर की जांच के लिए फोगास मशीन उपलब्ध, खरीदनी है केवल किट। जागरण
HighLights
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया की उन्नत जांच शुरू होगी।
मरीजों को अब विस्तृत जांच के लिए लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा।
सटीक निदान से समय पर सही इलाज मिलना सुनिश्चित होगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें बीमारी की सटीक जांच के लिए लखनऊ तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। बीआरडी मेडिकल कालेज में जल्द ही हीमोफीलिया की उन्नत और विस्तृत जांच की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस नई व्यवस्था से मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सकेगा और अनावश्यक खर्च व देरी से भी छुटकारा मिलेगा।
अब तक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया की केवल प्रारंभिक स्क्रीनिंग जांच की सुविधा उपलब्ध थी। इस जांच में यदि बीमारी की आशंका सामने आती थी तो मरीजों को आगे की विस्तृत जांच के लिए लखनऊ के बड़े संस्थानों में भेजा जाता था। वहां जांच होने और रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता था। इस दौरान मरीजों को इलाज शुरू होने में देरी का सामना करना पड़ता था। साथ ही मरीज और उनके स्वजन को आर्थिक व मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती थी।
कॉलेज प्रशासन अब इस समस्या का स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है। यहां ऐसी उन्नत जांच व्यवस्था विकसित की जा रही है जिससे यह स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सकेगा कि मरीज के खून में थक्का बनने की प्रक्रिया किन कारणों से प्रभावित हो रही है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, हीमोफीलिया केवल एक कारण से नहीं होता, बल्कि खून के थक्के बनने में मदद करने वाले विभिन्न फैक्टर्स और सी प्रोटीन की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है। सही कारण का पता चलने के बाद ही मरीज को उचित फैक्टर थेरेपी दी जाती है। इस बीमारी की सटीक पहचान के लिए करीब 12 प्रकार की विशेष जांचें की जाती हैं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इन जांचों के लिए जरूरी अत्याधुनिक मशीन पहले से उपलब्ध है। केवल जांच में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक रीएजेंट (रसायन) की खरीद की जानी है। इसके लिए सरकारी जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जैसे ही रीएजेंट उपलब्ध होंगे, मेडिकल कालेज में यह जांच सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
इस सुविधा के शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ा फायदा मिलेगा। उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहीं जांच हो जाएगी और बीमारी का पता लगते ही मरीजों को तुरंत आवश्यक फैक्टर दिया जा सकेगा।
-डा. राजेश राय, अध्यक्ष पैथोलाजी विभाग, बीआरडी मेडिकल कालेज
अभी तक स्क्रीनिंग जांच में हीमोफीलिया की आशंका मिलने पर मरीजों को यह जानने के लिए लखनऊ भेजना पड़ता था कि उन्हें कौन सा फैक्टर देना आवश्यक है। जांच रिपोर्ट आने तक इलाज शुरू नहीं हो पाता था। अब इस समस्या से उन्हें मुक्ति मिलेगी।
-डा. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कालेज